(Posted on 22 Apr 2024)

C-DAC and BAU Forge Alliance for Technological Revolution in Bihar's Agriculture Sector

On April 22, 2022, the Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) and Bihar Agriculture University (BAU) formalized a strategic collaboration through the signing of a Memorandum of Association (MoA). This MoA heralds a new era of partnership aimed at revolutionizing the agriculture sector in Bihar through innovative technological interventions.

The MoA was signed in the august presence of Shri Rajendra Vishwanath Arlekar, Hon’ble Governor of Bihar, by Shri. Aditya Kumar Sinha, Scientist ‘G’ & Director, C-DAC, Patna & Kolkata and Dr. D R Singh, Vice Chancellor, BAU at Raj Bhawan, Patna. The signing of the MoU was also witnessed by the team of C-DAC Patna and BAU.

Under this collaboration, C-DAC Patna will bring its expertise in cutting-edge technologies such as artificial intelligence, machine learning, and data analytics, BAU, on the other hand, will provide C-DAC Patna with its state-of-the-art research facilities and the expertise of agriculture professionals. This synergy is expected to result in significant advancements in the field of agriculture, benefiting both organizations as well as the wider community. 

The Hon’ble Governor took a keen interest in understanding how to overcome Bihar-specific agriculture issues like crop protection, seed and inventory management with technological interventions. 

Shri Aditya Kumar Sinha highlighted the significance of merging technological advancements with agricultural expertise, stating, "This collaboration marks a pivotal moment in leveraging advanced technologies like AI, drone technology, digital twin, etc. to revolutionize agricultural practices, ensuring sustainable growth and increased yields for farmers. Shri Aditya Kumar Sinha also expressed his gratitude to the Hon’ble Governor for his invaluable support and encouragement towards fostering such impactful collaborations in the agricultural sector.

Dr. D R Singh, also shared his thoughts, highlighting BAU's dedication to offering top-notch research facilities and working closely with C-DAC to explore new frontiers in agricultural research and development. Dr. D R Singh emphasized that the university has already prioritized the integration of Artificial Intelligence into agriculture. The university plans to adopt villages across different agroclimatic zones of Bihar for the application of AI in agriculture, scaling it up gradually through the State Department of Agriculture, Govt. of Bihar. He highlighted the university's state-of-the-art Media Centre and its role as the Fourth Krishi Roadmap of Bihar, with a special focus on services such as weather advisories up to the village level, Decision Support Systems, Kisan Gyan Vahan, technical films, Community Radio Stations, and teleconferencing with farmers, among others.

Addressing the gathering, the Hon’ble Governer shared the vision of the tech-driven agriculture sector aligned with the fourth agriculture roadmap of Bihar and affirmed that the future of agriculture would be bright when organizations like C-DAC and BAU are there to deal with existing and emerging challenges and problems of sustainability in the sector which can be handled technologically and converted into opportunities.

This collaboration marks a pivotal step towards realizing the fourth agriculture roadmap of Bihar, aligning with the vision of a vibrant and technologically empowered agriculture sector. C-DAC and BAU are poised to lead the charge in transforming challenges into opportunities, ensuring a brighter and more sustainable future for Bihar's agriculture industry.

  (Posted on 21 Mar 2024)

BAU Leads the Way with First-Ever Extension Plant Pathology Course in India
 
BAU is proud to complete the first batch of Extension Plant Pathology. This is a course that is being taught only in BAU amongst all State Agricultural Universities and Deemed Universities of India. This postgraduate course is unique in itself which is a blend of two applied disciplines of agricultural sciences viz. Extension Education and Plant Pathology. The course is developed for postgraduate and PhD students and is remarked with a code, PL PATH-520 with 2+1=3 credit hours. This course can be opted for by any student who is interested in plant stress and keen on developments of ICT and digital agriculture.

The course was unanimously accepted and approved by the House of the 32nd Academic Council of the university and thereafter students got enthusiastic to sink into the knowledge of this blended course. The course was designed by Dr Abhijeet Ghatak (Plant Pathology) and Dr Aditya Sinha (Extension Education); they became the very first instructors to launch this course.

At the end of the session, both of the instructors along with another instructor, Dr Shraddha Sawant thanked the Hon'ble Vice-Chancellor for believing in the team and kind support. The students and teachers, together, assembled in a session-end gathering wherein the authorities like the Registrar, Dean (PGS), and DSW were invited who interacted with the students and got feedback from the students.
 

  (Posted on 19 Mar 2024)

बीएयू भागलपुर में ओरिएंटेशन कार्यशाला आयोजित… कुलपति ने किया उद्घाटन…

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, भागलपुर सबौर के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केन्द्रों में नवनियुक्त विषय वस्तु विशेषज्ञों के ओरिऐन्टेशन कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का उदघाटन डा. डी. आर. सिंह कुलपति द्वारा किया गया। इस अवसर पर डा. सिंह ने कहा कि .कृषि विज्ञान केन्द्र मुख्य रूप से खेती-किसानी में लगे लोगों के लिए जिला स्तर पर ज्ञान-विज्ञान का प्रमुख स्थल है और यहाँ पर आने वाला हर किसान हम सब का विशिष्ट अतिथि है।

उन्होंने ने कहा कि वत्र्तमान परिवेश में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के समक्ष कठिन परिस्थिति है जिसमें फसल उत्पादकता में ठहराव, भूमि की उर्वरता में लगातार गिरावट के साथ सिंचाई साधनों में कमी और मौसम में लगातार हो रहा परिर्वतन आदि विशेष कारक है। डा. सिंह ने कहा कि ऐसे समय में कृषि विज्ञान केन्द्र के विशेषज्ञों की पहुँच ज्यादा से ज्यादा किसानों एवंकृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों तक बढानी होगी इसके लिए राज्य सरकार सहित अन्य संस्थाओं के संगठन, सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों के उपयोग पर विशेष बल देना होगा और इस वर्ष प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्र को कम से कम एक लाख लोगों से जुडना होगा।

डा. सिंह ने कहा कि प्रत्येक विषय वस्तु विशेषज्ञ को अपने जिले की भोगौलिक स्थिति सहित प्राकृतिक संसाधनों तथा कृषि की मूलभूत समस्याओं से अवगत होना बहुत आवश्यक है तभी हमलोग किसानों की तकनीकी सहायता करने में सफल होंगे। उन्होनें कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्रों में पदस्थापित विशेषज्ञ किसी एक विषय के जानकार के रूप में अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन नहीं करे फार्म साइंटिस्ट बनकर के किसानों की सेवा करे। साथ ही खा4 सुरक्षा के साथदृसाथ समाज के पोषण सुरक्षा पर जानकारी देकर लोगों को सुरक्षा के साथ समाज के पोषण सुरक्षा पर जानकारी देकर लोगों को स्वस्थ बनाएँ।

डा. आर. के. जाट, वरीय वैज्ञानिक, बीसा, समस्तीपुर, ने इस अवसर पर अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कृषि हमारे जीवन का आधार है जिसपर मौसम में हो रहे परिवर्तन का सीधा प्रभाव पड़ता है। उन्होने कहा कि वर्ष 2019 से बिहार सरकार ने जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम प्रारंभ कर के देश दुनिया के सामने कृषि विकास का एक अनूठा माॅडल प्रस्तुत किया है जिसका परिणाम है कि बिहार की कृषि उत्पादकता में 10दृ12 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी तथा किसानों के आमदनी में 16 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। धन्यवाद ज्ञापन डा. आर. एन. सिंह, सह निदेशक प्रसार शिक्षा के द्वारा दिया गया। उक्त कार्यशाला में राज्य के 42 विषय वस्तु विशेषज्ञ भाग ले रहे है।

  (Posted on 19 Mar 2024)

आईडीबीआई बैंक Mata कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का किया आयोजन… पांच छात्रों का अतिंम रूप से हुआ चयन..

आईडीबीआई बैंक ने अपने कैंपस कनेक्ट प्रोग्राम के हिस्से के रूप में जूनियर असिस्टेंट मैनेजर (जेएएम) की न्युक्ति के लिए विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के कृषि स्नातक छात्रों के लिए एक कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित किया।

समूह चर्चा और व्यक्तिगत साक्षात्कार सहित कठोर चयन प्रक्रिया से गुजरते हुए, इस पहल में कुल 28 छात्रों ने भाग लिया। कुल पांच विद्यार्थियों का अंतिम रूप से चयन किया गया। चयनित अब्यार्थियों को वार्षिक पैकेज के रुप में 6.14 लाख से 6.50 लाख रूपये तक मिलेंगें।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू ) के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने भाग लेने वाले छात्रों को शुभकामनाएं दी और साक्षात्कार आयोजित करने के लिए आईडीबीआई बैंक के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस सफल कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव को व्यवस्थित करने में डॉ. जे.एन. श्रीवास्तव, निदेशक छात्र कल्याण, डॉ. चंदन कुमार पांडा, प्लेसमेंट सेल के प्रभारी, डॉ. अनिल पासवान और डॉ. अपूर्वा पाल द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गयी । यह प्रयास न केवल छात्रों के लिए कैरियर मूल्यांकन के लिए अवसर प्रदान करता है बल्कि विश्वविद्यालय और कॉर्पोरेट क्षेत्र के बीच संबंध को भी मजबूत करता है।

  (Posted on 16 Mar 2024)

A six day Bootcamp on Drones and Allied Technologies concluded at BAU, Sabour. The Bootcamp was organized by the Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC), Patna. During the concluding ceremony, certificates were awarded to 37 successful participants. As a part of the assessment process, all participants were divided into groups and made to present an innovative idea on application of drones in Agriculture. The winner was decided by a popular vote and appreciated.

  (Posted on 15 Mar 2024)

प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

आज दिनांक 15 मार्च 2024 को कृषि विज्ञान केन्द्र, बाढ़, पटना के प्रांगण में प्रकृतिक खेती पर जागरूकता सह दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डाo डीo आरo सिंह, कुलपति, बिहार कृषि विष्वविद्यालय, सबौर एवं विशिष्ट अतिथि के रुप में डाo आरo सोहाने, निदेशक प्रसार शिक्षा, बिहार मौजुद थे। कार्यक्रम का उदघाटन डाॅ डीo आरo सिंह, कुलपति, डाॅ आरo केo सोहाने, निदेषक प्रसार शिक्षा बि.ए.यू, सबौर, डाॅ रीता सिंह, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान, प्रगतिशील किसान श्री शम्भू नारायण सिंह एवं श्री चंदन कुमार के द्वारा दीप प्रज्जवलीत कर किया गया। इस कार्यक्रम में केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डाo रीता सिंह ने अपने स्वागत भाषण में विभिन्न अतिथियों का स्वागत करते हुए उपस्थित किसान, कृषक महिलाएं, जीविका समुह से जीविका दीदीयां एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं कृषि प्रसार कार्यकर्ता को केन्द्र में चल रहे किसान उपयोगी कार्यक्रम को विस्तार से बतलाया एवं उपस्थित किसानों को लगातार केन्द्र के संपर्क में रहने की सलाह दी। तकनीकी सत्र में किसाानों को प्राकृतिक खेती के विभिन्न स्तंभ, विभिन्न प्रकार के जैव उत्पाद यथा बीजामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, अग्नीयस्त्र, ब्रहमास्त्र एवं दषपर्णी अर्क बनाने की जानकारी दी गयी। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आये किसानों ने प्राकृतिक , जैवीक खेती, पोषक अनाज की खेती, बटन मशरुम उत्पादन, शून्य जुताई विधि से आलू की खेती एवं षुन्य जुताई विधि से गेहूँ की खेती एवं सब्जी बीज उत्पादन पर अपने अनुभव साझा किये। डाॅ आरo केo सोहाने ने किसानों को संबोधित करते हुए बतलाया कि कृषि विज्ञान केन्द्र, बाढ़ के द्वारा मशरूम उत्पादन, दलहन, विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सवाल जबाव कार्यक्रम, ई निरोग एैप, किसान हेल्प लाईन नं0, ड्रोन, खेसाड़ी के उन्नत प्रभेद-रतन एवं प्रतीक के प्रसार पर बिहार कृशि विश्वविद्यालय, सबौर एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, बाढ़, पटना के पहल की जानकारी दी। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में बतलाया कि बदलते मौसम में पोषक अनाज एवं मक्का की खेती पर किसान अधिक लाभ कमा सकते हैं, साथ हीं उन्होंने कृषि शिक्षा के प्रति स्कुली बच्चों में जागरूकता लाने पर बल दिया। उन्होंने प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्रों में कृषि तकनीकी सूचना केन्द्र (एटीक) की स्थापना का आश्वासन दिया। उन्होंने पटना जिले के भौगोलिक परिदृश्य को देखते हुए पटना जिले में एक अन्य कृषि विज्ञान केन्द्र की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसानों को छोटे क्षेत्रफल में फूल की खेती, सब्जी की खेती एवं छत पर बागवानी कर अतिरिक्त आय अर्जीत करने की सलाह दी। उन्होंने प्रदेश में अधिक संख्या में कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना करने पर बल दिया। उन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्र में पोषक अनाज प्रसंस्करण यंत्र उपलब्ध करवाने का आशवासन दिया। 

इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से 550 कृषकों ने भाग लिया। धन्यवाद ज्ञापन डाo मृणाल वर्मा के द्वारा दिया गया। इस कार्यक्रम में केन्द्र के सभी कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से सहयोग दिया।

  (Posted on 14 Mar 2024)

कृषि विज्ञान केन्द्र, अरवल में दो दिवसीय किसान मेला-सह-प्रदर्शनी का आयोजन

कृषि विज्ञान केन्द्र, लोदीपुर, अरवल के प्रांगण में अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत 14 एवं 15 मार्च 2024 को दो दिवसीय किसान मेला-सह-प्रदर्शनी 2024 का आयोजन किया गया है । आज दिनांक 14 मार्च 2024 को पहले दिन दीप प्रज्ज्वलित कर किसान मेला-सह-प्रदर्शनी 2024 का शुभ-उद्घाटन माननीय कुलपति, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर डॉ0 दुनिया राम सिंह जी के कर कमलों से किया गया । मौके पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ0 आर0 के0 सोहाने, भा0कृ0अनु0प0-अटारी, ज़ोन-4, पटना के प्रधान वैज्ञानिक डॉ0 धर्मवीर सिंह, अग्रणी जिला प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक, अरवल, उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, अरवल, जिला मतस्य पदाधिकारी, अरवल, जिला गव्य विकास पदाधिकारी अरवल एवं जिला के अन्य कृषि संबंधित विभागों के अधिकारी सहित केन्द्र की वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ0 अनीता कुमारी ने कृषकों को संबोधित किया । 

उक्त मेले में स्टॉल के माध्यम से विभिन्न नई तकनीकों एवं यंत्रों से कृषकों को अवगत कराया गया जिसके अंतर्गत सुधा (कॉमफेड), कृषि विज्ञान केन्द्र, अरवल के गृह विज्ञान, पौधा संरक्षण, उद्यान एवं पशुपालन, जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम, पान अनुसंधान केन्द्र, महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद एवं सभी कृषि संबंधित विभागों के स्टॉल शामिल थे तथा उद्यान प्रदर्शनी भी लगाई गई । कुल 900 कृषकों ने मेले के प्रथम दिन भाग लिया । 

मौके पर डॉ0 अनीता कुमारी, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान ने कृषि विज्ञान केन्द्र, अरवल में चल रहे अनुसूचित जाति उप-योजना, पाँच गावों में चल रहे जलवायु अनुकोल कृषि कार्यक्रम, अग्रिम पंक्ति प्रत्यक्षण, समूह अग्रिम पंक्ति प्रत्यक्षण, कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम के बारे में कृषकों को विस्तार से बताया । तत्पश्चात जिला गव्य विकास पदाधिकारी अरवल के द्वारा विभिन्न योजना एवं उपयोजना के बारे में चर्चा किया गया । मतस्य विभाग के पदाधिकारी ने मछली उत्पादन से संबंधित सरकार की योजनाओं का जिक्र किया जिसके अंतर्गत बायोफ्लाक विधि से मछली उत्पादन कर किसान अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं । उद्यान पदाधिकारी ने गर्मी मौसम में मूंग और हरी खाद की खेती करने की सलाह दिया । अरवल जिले के अग्रणी बैंक प्रबंधक ने खेती से संवंधित किसान क्रेडिट कार्ड साथ ही साथ खेती से उद्याग सृजन में बैंको के योगदान के बारे में विस्तार से बताया । पान अनुसंधान केन्द्र, इस्लामपुर के प्रभारी ने फसल विविधीकरण के तहत मुख्य फसल के साथ साथ औषधीय पौधों के अन्तर्वर्तीय फसल के रूप में खेती कर के अतिरिक्त आय बढ़ाने के बारे में बताया । प्रधान वैज्ञानिक डॉ0 धर्मवीर सिंह ने किसानों को मेले में लगे प्रदर्शनियों के माध्यम से कृषकों को नए-नए तकनीकों को अपनाने पर जोड़ दिया । निदेशक प्रसार शिक्षा ने विश्वविद्यालय के तकनीकों को किसानों के दरवाजे तक पहुंचाने के लिए टोल फ्री नंबर 18003456455 के बारे में किसानों को बताया जिसके माध्यम से किसान अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं । माननीय कुलपति, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में किसानों की आय बढ़ाने हेतु उपयोगी सुझाव दिए जिसमे अरवल जिले में खरीफ मौसम में मक्का उत्पादन की अपार संभावना है जिससे एथेनॉल का उत्पादन कर किसान बेहतर आमदनी प्राप्त कर सकते है। साथ ही साथ उन्होंने अरवल किसानों को फल – फूल, सब्जी, देशी कुक्कुट पालन के मार्केटिंग को पटना मार्केट से जोड़ने की बात पर बल दिया । उन्होंने पोषक वाटिका में साग-सब्जियों के साथ-साथ औषधीय पाधों को लगाने पर जोड़ दिया । साथ ही उन्होंने किसानों से यह आग्रह किया कि अपने बच्चों को मेडिकल-इंजीनियरिंग की भीड़ में न भेज कर कृषि शिक्षा की तरफ झुकाव को बढ़ावा दें ताकि रोजगार लेने वाला नहीं रोजगार सृजन करने वाला बने। साथ ही उन्होंने कृषकों को FPO से जुडने के लिए प्रेरित किया । साथ ही उन्होंने जिले में जई फसल का क्षेत्र बढ़ाने पर जोड़ दिया। 

उक्त कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, जहानाबाद के वैज्ञानिक, पान अनुसंधान केन्द्र, इस्लामपुर के वैज्ञानिक तथा केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ0 उदाय प्रकाश नारायण, डॉ0 कविता डालमिया, श्री अजय कुमार दास के द्वारा तकनीकि सत्र महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई । उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने में केन्द्र के कर्मीगण यथा श्री प्रशांत कुमार सिन्हा, श्री कुंदन कुमार, श्रीमती कुमारी ज्योति, श्री श्याम सुंदर राम, श्री अशोक दास एवं श्री रंजन कुमार दास की महत्वपूर्ण भूमिका रही

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  (Posted on 13 Mar 2024)

Kisan Mela 13-15 March 2024 Started at KVK Nalanda .Inaugurated by Hon'ble Minister Germain Vikash& Samaj Kalyan shree Shrawan Kumar jee, Hon'ble MLA Nalanda Shree Kaushlendra Kumar jee , Hon'ble VC BAU Sabour Dr D R Singh,DEE BAU Sabour Dr R K Sohane , Principal Scientist ATARI Patna Dr Amrendra Kumar Associate Cum Principal NCOH Dr Randhir Kumar were Graced the Occasion. More than thousand Farmers Participated in the Kisan Mela. Dignitaries also visited CRA Demonstration in CRA Village Chainpur

  (Posted on 12 Mar 2024)

बीएयू सबौर में ऐटिक सेंटर और एआई आधारित स्क्रीन का हुआ लोकार्पण

 

दिनांक 12.03.2024 को बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मुख्यालय में नव स्थापित कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र सहित कृषक पाठशाला कक्ष का उद्घाटन एवं विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर एल.ई.डी. स्क्रीन का लोकार्पण बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह के कर-कमलों से किया गया। इस अवसर पर डॉ. सिंह ने कहा कि कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र विश्वविद्यालय मुख्यालय में आने वाले किसानों/युवाओं सहित अन्य लोगों को खेती किसानी सहित विभिन्न प्रकार की जानकारियों एवं उपादान उपलब्ध कराने का केन्द्र होगा जहाँ एक ही छत के नीचे कृषि संबंधी सभी प्रकार की जानकारियाँ एवं उत्पाद उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य एक ही छत के नीचे कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की तकनीकी जानकारी एवं साहित्य सहित विभिन्न प्रकार के कृषि उपादान उपलब्ध कराने की एकल खिड़की व्यवस्था है। डॉ. सिंह ने बताया कि यह केन्द्र किसानों, विशेष रूप से महिला किसानों को प्राकृतिक खेती के साथ पोषण सुरक्षा के लिये आवश्यक फसलों के उत्पादन उसके भंडारण, प्रसंस्करण आदि से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान करने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि आज के बदलते मौसम में प्रचलित खेती के स्थान पर आवश्यकता आधारित फसल पद्धति को अपनाना जरूरी होगा। इस सूचना केन्द्र में परिभ्रमण करने वाले सभी लोगों को आवश्यकता आधारित फसल विविधीकरण के साथ फसल अवशेष प्रबंधन, पोषक तत्व प्रबंधन एवं समेकित पशुपालन के लिये प्रोत्साहित करेगा।

 आर्टिफिशल इंटेलिजेन्स आधारित एल. ई. डी. स्क्रीन का हुआ लोकार्पण :

 

 इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर स्थापित किये गये एल.ई.डी. स्क्रीन का लोकार्पण करते हुए डॉ. डी. आर. सिंह ने कहा कि इसके माध्यम से विश्वविद्यालय में आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों/गतिविधियों सहित मौसम की जानकारी ऑडियो-विडियो माध्यम से सभी लोगों को प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में विश्वविद्यालय के कार्यक्षेत्रा में संचालित संस्थानों को इससे जोड़ने की पहल की जायेगी। यह स्क्रीन आर्टिफीसियल इंटेलिजेन्स के माध्यम से विश्वविद्यालय की दैनिक गतिविधियों और मौसम अनुकूल खेती की सलाह देगा। विश्वविद्यालय में किसानों के लिए उपलब्ध, बीज, पौधों और अन्य समग्रीयों की जानकारी सहजता से बताएगा।

 

 अनुसूचित जाति के कृष्णकों मिला प्राथमिक कृषि यँत्र : 

 

 कृषि विज्ञान केंद्र सबौर भागलपुर में चल रहे अनुसूचित जाति उप योजना अंतर्गत 50 अनुसूचित जाति के कृषकों के बीच आज प्राथमिक कृषि यंत्र स्वरूप कुदाल,खुरपी, मेंज सेलर, हसुआ एवं विडर के यंत्र के साथ-साथ दो-दो आम एवं नींबू के पौधे को माननीय कुलपति बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर डॉक्टर डी आर सिंह के द्वारा वितरित किया गया।

 इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के डॉ. आर. के. सोहाने, निदेशक प्रसार शिक्षा, डॉ. अनिल कुमार सिंह, निदेशक अनुसंधान, डॉ. ए. के. साह, अधिष्ठाता कृषि, डॉ. आर. पी. शर्मा, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर, डॉ. एम. फिजा अहमद, निदेशक, बीज एवं प्रक्षेत्रा, ई. कुमार संजीव रमण, निदेशक, कार्य एवं संयंत्रा, डॉ. मिजानुल हक, कुलसचिव, श्री विरेन्द्र कुमार सिन्हा, नियंत्राक, डॉ. आर. एन. सिंह, सह निदेशक प्रसार शिक्षा, डॉ. अभय मानकर, उप निदेशक प्रशिक्षण, डॉ. राजेश कुमार, जन सम्पर्क पदाधिकारी सहित बिहार कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य/वैज्ञानिकगण एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, सबौर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान उपस्थित थे।

  (Posted on 09 Mar 2024)

कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र का उदघाटन

 

कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र का   उदघाटन माननीय कुलपति, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर द्वारा दिनांक 09 मार्च, 2024 को कृषि अनुसंधान संस्थान, पटना परिसर में किया गया। इस अवसर पर निदेशक शोध डॉ. ए.के. सिंह, निदेशक कार्य एवं संयंत्र, ई. के. एस. रमण, सह निदेशक (शष्य) डॉ. डी. पी. त्रिपाठी, निदेशक भूमि संरंक्षण श्री सुदामा महतो, पूर्व प्राचार्य नालंदा उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय डॉ. पंचम कुमार सिंह, निदेशक दूरदर्शन, पटना एवं संस्थान के सभी वैज्ञानिक एवं कर्मचारी तथा स्थानीय कृषक बन्धु उपस्थित रहे।

 

इसके पूर्व माननीय कुलपति एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा संस्थान के प्रक्षेत्र का भ्रमण किया गया जिसके दौरान औषधीय एवं सगंध वाटिक, हाईटेक नर्सरी, अमरूद/आम/नींबू इत्यादि मातृवृक्ष एवं तीसी प्रजनक बीज उत्पादन को और अधिक किसानोपयोगी बनाने का निर्देश दिया गया।

 

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति ने कृषि अनुसंधान संस्थान, पटना के द्वारा कृषि जलवायु क्षेत्र जोन-3बी के किसानों के लिए किये जा रहे प्रयासो की सराहना की तथा उन्होने वैज्ञानिकों को आहवान किया कि राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित चौथी कृषि रोड मैप के अनुरूप किसानो के आर्थिक उन्नयन के लिए हर संभव प्रयास किया जाये। उन्होंने कहा कि सरकार के इन्ही उद्देश्यों के प्राप्ति के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के द्वारा इस संस्थान में क्षेत्रीय किसानों को कृषि संबंधित नयी तकनीकी के सूचना के आदान-प्रदान के लिए "कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र" की स्थापना की जा रही है। इसके पूर्व संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एम.डी. ओझा ने आये हुए अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत करते हुए संस्थान के द्वारा अनुसंधान, प्रसार और प्रशिक्षण आदि गतिविधियों के लिए कृषि जलवायु के अनुरूप किये जा रहे विभिन्न कार्यों की विस्तार से चर्चा की तथा संस्थान द्वारा भविष्य में अपनायी जाने वाले विभिन्न गतिविधियों की भी रूपरेखा प्रस्तुत की। निदेशक शोध बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर डॉ. ए.के. सिंह ने संस्थान में स्थापित किये जा रहे कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केन्द्र के उद्देश्यों की चर्चा की तथा संस्थान के द्वारा किये जा रहे अनुसंधान, प्रसार गतिविधियों की प्रशंसा की तथा उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा संस्थान को आवश्यकतानुसार सभी आवश्यक सहयोग प्रदान करने की बात कही। इस अवसर पर संस्थान के द्वारा तैयार की गई तकनीकी बुलेटिन "प्राकृतिक खेती" का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया तथा माननीय कुलपति के कर कमलो द्वारा संस्थान के दो महिला कर्मियो श्रीमती सरिता कुमारी एवं श्रीमती विनीता तीग्गा को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ती पत्र दिया गया। इसी क्रम में कुलपति ने सभी प्रतिभागी कृषक बन्धुओं को आदर्श गृह वाटिका किट, लेमन ग्रास एवं पुदीना का गमला तथा बिहार कृषि विश्वविद्यालय का वर्ष 2024 का कैलेण्डर भी भेंट किया। उद्घाटन कार्यक्रम में सभी विशिष्ट अतिथियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये। समारोह में उपस्थित लोगो का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रणवीर कुमार कनीय वैज्ञानिक (कृषि अर्थशास्त्र) एवं मंच संचालन डॉ. संगीता कुमारी कनीय वैज्ञानिक (उद्यान) ने किया। इस अवसर पर डॉ. एन.वाई. आज़मी, डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. एस.एन. दास, डॉ. प्रभात कुमार, श्री अवधेश कुमार सिंह, श्री गोपाल शरण सिन्हा, श्री आशिष कुमार सिन्हा, श्री अशोक कुमार, श्री नरेश कुमार, श्री राजेश कुमार सिंह, श्री मुकेश कुमार आदि ने सराहनीय भूमिका निभाई।

  (Posted on 08 Mar 2024)

बीएयू सबौर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन, नारी सशक्तिकरण पर हुई विशेष चर्चा

 

दिनांक 07 मार्च, 2024 को बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के माननीय कुलपति महोदय, डॉ डी आर सिंह के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय अन्तर्गत सभी विभागों में उस विभाग की वरीय महिला वैज्ञानिक/ शिक्षिका को एक दिन के लिए विभाग के अध्यक्ष पद से सुशोभित किया गया एवं उनके कुशल नेतृत्व में 8 मार्च 2024 को 'राष्ट्र विकास में महिलाओं की भूमिका' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन करके अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। कार्यशाला का सुभारम्भ सुबह 10:30 बजे बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मिनी सभागार में डीन, निदेशक, कुलसचिव, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों के साथ-साथ छात्रों की उपस्थिति में शुरू हुई। कार्यक्रम की शुरुआत सम्मानित डीन एग्रीकल्चर डॉ. ए.के. साह, निदेशक छात्र कल्याण डॉ. जे. एन. श्रीवास्तव, कुलसचिव डॉ. एम. हक, निदेशक प्रशासन डॉ. एम. के. वाधवानी एवं नियंत्रक श्री बीरेन्द्र कुमार सिन्हा सहित गणमान्य व्यक्तियों के औपचारिक स्वागत के साथ हुई। श्रीमती रश्मी कुमारी, टेक्नो ग्राउंड, बेगुसराय, बिहार की संस्थापक इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि थीं। दीप प्रज्वलन से इस आयोजन की शुरुआत हुई। कार्यक्रम की शुरुआत में आयोजक डॉ किरण कुमारी ने अपना स्वागत भाषण दिया। अपने संबोधन में निदेशक छात्र कल्याण डॉ. जे. एन. श्रीवास्तव ने जीवन के हर पहलू में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की उत्पत्ति के बारे में बताया। श्रीमती रश्मि कुमारी ने गृहिणी से उद्यमी बनने तक की अपनी यात्रा साझा की, जो सभी प्रतिभागियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रही। रजिस्ट्रार डॉ. एम. हक ने विश्वविद्यालय में हाल ही में कई महिला वैज्ञानिकों की भर्ती पर प्रकाश डाला, जो महिला सशक्तिकरण का एक उज्ज्वल उदाहरण दर्शाता है। उन्होंने अपने काव्यात्मक चिंतन के माध्यम से जीवन के प्रत्येक पहलू में महिलाओं की भूमिका की सराहना की। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, सबौर की वार्डेन श्रीमती प्रियंका ने अपने भाषण में छात्रों के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा स्कूल को गोद लेने पर प्रकाश डाला। निदेशक प्रशासन डॉ. एम. के. वाधवानी ने विकासात्मक अर्थशास्त्र की भूमिका के बारे में चर्चा की और सभी संकाय सदस्यों से समाज के समग्र विकास के लिए महिला उत्थान में सक्रिय रूप से भाग लेने का अनुरोध किया। डीन एग्रीकल्चर डॉ. ए. के. साह ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए संकाय सदस्यों को बधाई दी और महिला सशक्तिकरण में पुरुषों की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के छात्रों को कृषि में उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने के लिए संकाय सदस्यों की सक्रिय भागीदारी की भी सराहना की। कई संकाय सदस्यों और छात्रों ने राष्ट्र के विकास में महिलाओं की भूमिका विषय पर अपने विचार साझा किए। आयोजन सदस्य डॉ. चंदा कुशवाहा ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन करते हुए बीएयू, सबौर के माननीय कुलपति और एसोसिएट डीन-सह-प्रिंसिपल, बीएसी, सबौर, संकाय सदस्यों और छात्रों सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला का समापन समूह-फोटोग्राफी, प्रतिभागियों के लिए ढेर सारी प्रेरणा, प्रेरणा और स्पष्ट घर ले जाने के संदेश के साथ हुआ।

  (Posted on 08 Mar 2024)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में वर्ष 2024 के अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8, मार्च) के प्रति सम्मान प्रकट करने एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिनांक 07 मार्च, 2024 को माननीय कुलपति महोदय के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय अन्तर्गत सभी विभागों में उस विभाग की वरीय महिला वैज्ञानिक/ शिक्षिका को एक दिन के लिए विभाग के अध्यक्ष पद से सुशोभित किया गया।

यह कार्य माननीय कुलपति महोदय के महिलाओं के महत्व को समझाने के लिए लोगों को जागरूक कराना है। इस थीम का अर्थ महिलाओं के लिए एक ऐसे समाज के निर्माण को बढ़ावा देना भी है, जहाँ महिलाएं खुद को जुड़ा हुआ महसूस कर सकें, सशक्त महसूस कर सकें, उन्हें हर क्षेत्र में बराबरी का हक मिले। यह कार्य विश्वविद्यालय द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक पहल है।

  (Posted on 29 Feb 2024)

 

Internal Quality Assurance Cell and Sabour Consultancy Services, BAU, Sabour organized an Orientation Workshop for Railwaymen in Agriculture. Thirty six participants from The Indian Railways Institute of Mechanical and Electrical Engineering (IRIMEE), Jamalpur attended the orientation workshop. IRIMEE is one of the six Centralized Training Institutes of Indian Railways functioning for training of Railway Officers.

 

The railway officers were sensitized towards responsible use of natural resources such as soil, water, organics and inorganic nutrients. Modern techniques such as hydroponics and tissue culture were a topic of their interest. The visits to roof top garden, enriched vermicompost production unit, commercial biofertilizer production unit, botanical garden and horticulture garden generated a lot of interest among the participants.

  (Posted on 23 Feb 2024)

बिएयू द्वारा आइसीटी के माध्यम किये गए "परिवर्तन" को मिला राष्ट्रीय पुरुस्कार

 

बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर का कृषि प्रसार तंत्र देश के सबसे उत्कृष्ट आइसीटी तंत्र में से एक है। इसे साबित किया है राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंध संस्थान (मैनेज) द्वारा दिया गया राष्ट्रीय पुरुस्कार। बीयेयू के मीडिया सेंटर द्वारा निर्मित फ़िल्म "परिवर्तन" को आज भारत सरकार के अतरिक्त कृषि सचिव मोo फ़ैयाज़ किदवई और मैनेज के डायरेक्टर जनरल श्री चंद्रशेखर ने पुरुस्कृत किया । इस फ़िल्म मे विश्वाविद्यालय द्वारा आइसीटी के माध्यम से बिहार मे कृषि क्षेत्र में किये गए परिवर्तन कों दिखाया गया है।

कुलपति डॉ. डीo आरo सिंह ने इस मौके पर कहा कि विश्वविद्यालय का आईसीटी मॉडल का लोहा पूरा देश मानता है, परिवर्तन फ़िल्म में दिखाया गया है कि कैसे विश्वविद्यालय ने अपने हाईटेक प्रसार प्रणाली से बिहार के किसानों को त्वरित और सटीक समाधान उपलबध कराया है, इस राष्ट्रीय पुरुस्कार ने एक बार फिर से बीएयू कि उत्कृष्टता सिद्ध की है।

इससे पूर्व भी विश्वविद्यालय कों आइसीटी के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्ननेंस अवार्ड, यहाँ से संचालित सामुदायिक रेडियो कों राष्ट्रीय अवार्ड एवं उम्मीद कों राष्ट्रीय पुरुस्कार मिल चूका है। यूजीसी के सीइसी ने भी पराली प्रबंधन पर बनी फ़िल्म कों भी सर्वश्रेष्ठ पुरुस्कार देने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि विगत वर्ष भी मैनेज संस्था द्वारा विश्वविद्यालय द्वारा बनायीं गयी ड्रेगन फ़्रूट की खेती पर बनी फ़िल्म को पुरुकृत किया था एवं यूजीसी सीईसी द्वारा "वाटर फॉर टुमारो" को स्क्रीनिंग में प्रमाणित किया था। 

प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ आर के सोहाने ने इस अवसर पर ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का मीडिया सेंटर सफलता का नित्य नए इबारात लिख रहा है, यह राष्ट्रीय पुरुस्कार हमारी प्रसार प्रणाली की उपयोगिता कों सिद्ध करती है।

विश्वविद्यालय की ओर से इस पुरुस्कार कों केंद्रीय भंडार के प्रभारी पदाधिकारी श्री विजय कुमार ने हैदराबाद में ग्रहण किया। इस अवसर पर मीडिया सेंटर प्रभारी डॉ राजेश कुमार मीडिया सेंटर के कर्मियों कों बधाई दी।

  (Posted on 22 Feb 2024)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में 21 दिवसीय CAFT प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने "कृषि विस्तार और अनुसंधान के लिए आईसीटी में विघटनकारी प्रौद्योगिकी का उपयोग" विषय पर 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन हो गया । कार्यक्रम, जो कि 1 फरवरी से 21 फरवरी, 2024 तक चला, इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को कृषि की प्रसार के लिए अत्याधुनिक तकनीकों  पर प्रशिक्षित करना था।
21 फरवरी, 2024 को आयोजित समापन समारोह मे प्रतिभागियों ने 21 दिनों के दौरान सीखी गयी विधा कों प्रस्तुत किया । सीखे गए पाठों पर विस्तृत प्रस्तुति के साथ प्रतिभागियों द्वारा प्रदान की गई प्रतिक्रिया बहुत उत्साहजनक थी। असम से आये वैज्ञानिक ने यहाँ पर फ़िल्म निर्माण करना सीखा और स्वं द्वारा बनायीं गयी फ़िल्म कों प्रस्तुत किया। सभी प्रतिभागियों ने रेडियो पर प्रसारण सीखा साथ ही अपना रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत किया। तेलंगाना से आये हुए वैज्ञानिकों ने यहाँ बिताये गए 21 दिन के अनुभव कों साझा किया और बताया कि बीएयू का सूचना एवं संचार तंत्र दक्षिण के राज्यों से बेहतर है।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, सी-डैक, पटना के वरिष्ठ निदेशक डॉ. आदित्य कुमार सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति रही। डॉ. सिन्हा ने कृषि के भविष्य को आकार देने में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) की भूमिका पर जोर देते हुए विघटनकारी प्रौद्योगिकी और कृषि विकास के अंतर्संबंध पर अपनी गहन अंतर्दृष्टि साझा की। उन्होंने बताया कि सीडीएसी सुपर कंप्यूटर विकसित करने वाला देश का पहला संस्थान था, जिसका कृषि में विविध अनुप्रयोग है।
विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने कृषि पद्धतियों को बदलने में आईसीटी की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी की दुनिया में हर दिन नई तकनीक सीखने की जरूरत है क्योंकि हर चीज बदल रही है। साथ ही, उन्होंने विस्तार प्रौद्योगिकियों की सफल पहुंच के लिए बाहरी संस्थानों के साथ नए सहयोग विकसित करने पर जोर दिया। माननीय कुलपति ने कहा कि यहाँ से सीखकर आप सभी वैज्ञानिक अपनी संस्थाओं मे इन अनुप्रयोगों कों किसानों के हित मे लागु करें। 
डॉ. आर.के. सोहने,  प्रसार शिक्षा निदेशक ने सभा  को बताया कि देश के आठ अलग-अलग राज्यों से कुल 22 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया।
समापन समारोह प्रतिभागियों के समर्पण और सफल समापन को मान्यता देते हुए एक प्रमाण पत्र वितरण समारोह के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों के बीच अर्जित ज्ञान को अपने संबंधित क्षेत्रों में लागू करने के लिए उत्साह और प्रेरणा की भावना को बढ़ावा दिया, जिससे नवीन और विघटनकारी प्रौद्योगिकियों के माध्यम से कृषि की प्रगति में योगदान दिया जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. आदित्य सिन्हा एवं डॉ. सी.के. थे। पांडा, प्रसार शिक्षा विभाग, बीएयू, सबौर। उक्त जानकारी विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क अधिकारी डॉ राजेश कुमार ने दी।

  (Posted on 20 Feb 2024)

कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री श्री नितीश कुमार को पुष्पगुच्छ भेंट किये साथ ही माननीय मुख्यमंत्री ने बीएयू के नव नियुक्त वैज्ञानिकों को दिया नियुक्ति पत्र 

माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने  आज सचिवालय स्थित 'संवाद' में आयोजित कार्यक्रम में  सांकेतिक रूप से 10 नवनियुक्त सहायक प्राध्यापक सह कनीय वैज्ञानिकों को नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया।  बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर के अधीन 239 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति हुई है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा तथा जल संसाधन सह भवन निर्माण मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी ने भी नवनियुक्त अभ्यर्थियों को सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किया।

  (Posted on 20 Feb 2024)

 माननीय मुख्यमंत्री ने बीएयू में नवनिर्मित हाईटेक सुविधाओं से युक्त नया सभागार का हुआ उद्घाटन 

14 करोड़ रूपये की लागत से बने बीएयू सबौर का नानिर्मित सभागार 600 लोगों की क्षमता वाला है। दिव्यांग लोगों की सहूलियत कों ध्यान मे रखते हुए इसका निर्माण किया गया है। सभागार में डिजिटल पोडियम, आटोमेटिक कैमरा एवं उच्च क्षमता वाला लाइन-अरे साउंड सिस्टम लगाया गया है। यहाँ सभा कक्ष के अतिरिक्त दो अतिथि कक्ष और एक स्वागत कक्ष बनाया गया है।सभागार मे चल रहे कार्यक्रम कों किसी भी कक्ष से देखा जा सकता है, इसके लिए सभी स्थानों पर टीवी लगायी गयी है। रंग-बिरंगे स्टेज स्टेज लाइट से सुसज्जित यह सभागार संस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के मुताबिक भी डिजाइन की गयी है। पूरा सभागार केंद्रिकृत वातानुकूलित है। यहाँ आयोजित होने वाले किसी भी कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग स्वतः हो सकती है साथ ही सभी सोशल मिडिया प्लेटफॉर्म पर सीधा प्रसारण किया जा सकता है। उद्घाटन के मद्देनज़र सभागार को फूलों एवं रंग-बिरंगे रौशनी से सुसज्जित किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन के उपरांत अब यह सभागार सुचारु हो गया है। 
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह भवन निर्माण मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, कृषि विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, मुख्यमंत्री सचिवालय के विशेष सचिव श्री चंद्रशेखर सिंह, बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ० डी०आर० सिंह सहित कृषि विभाग के पदाधिकारीगण/कर्मीगण, नवनियुक्त अभ्यर्थीगण अभाषिक रूप से जुड़े रहे।

  (Posted on 18 Feb 2024)

किसान मेले के दूसरे दिन भारी संख्या में उमड़े किसान और कृषि प्रेमी

 

किसान मेले के दूसरे दिन बड़ी संख्या में स्थानीय और पूरे राज्य से आए हुए किसानों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। मेला देखने का उत्साह इस कदर था कि पूरा विश्वविद्यालय परिसर शाम होते-होते किसानों और कृषि मे रूचि रखने वाले लोगों से पट गया। मेला घूमने वाले विभिन्न कंपनियों के स्टॉल से नए किस्म के फसलों और कृषि के नई तकनिकों के बारे मे जानकारी लेते नज़र आये। विश्वविद्यालय के परिक्षेत्र में लगे फसलों का जिवंत प्रदर्शन किया गया है जिसका किसानों द्वारा बड़े ही कौतुहालता पूर्वक देखा जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के समेकित कृषि प्रणाली को देखने मे किसान खूब रूचि लेते दिखे।

 

 *पशु प्रदर्शनी रहा आकर्षण का केंद्र* :

 

आज के दिन मेले की शुरुआत पशु प्रदर्शनी से हुई। तरह-तरह के पालतू पशु इस पशु प्रदर्शनी में देखने को मिले। छोटे से लेकर बड़े पशुओं तक मेला देखने वालों के बीच आकर्षण के केंद्र बने रहे। छोटे पशु पक्षियों में मुख्य रूप से कबूतर जाति की पक्षी आकर्षण का केंद्र रहा। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के कुत्ते और बकरियों के नस्ल लोगों को खूब आकर्षित किया। इस पशु प्रदर्शनी में देसी नस्ल के गाय खूब देखने को मिले वहीं भैंस की अच्छी प्रजातियों ने भी मेला देखने वाले को अपनी ओर खींचा। कुल मिलाकर विभिन्न प्रजाति के पशुओं की संख्या मेले में 175 रही। मेले के दौरान किसानों को पशुओं का अवलोकन करने के लिए भागलपुर के जिला पशुपालन पदाधिकारी पशु चिकित्सकों के साथ मौजूद रहे। पशु मेला का उद्घाटन बिहार कृषि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉक्टर डॉ डी. आर. सिंह और पूर्णिया विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉक्टर राजनाथ यादव ने किया। कुत्तों के प्रमुख नस्लों में जर्मन शेफर्ड, साइबेरिया वुल्फ, लेब्रा डॉग, पल्मेरियन इत्यादि प्रमुख रहे वहीं बकारीयों मे जमुना परी और बारबरी नस्ल की बकारीयों ने आकर्षित किया। देसी गाय कि नस्लों में साहीवाल और गीर ने मन को मोह लिया। इसके अलावा पछियों में कबूतर, बटेर और कड़क नाथ मुर्गा भी पशु प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खिंचा। बच्चों ने खरगोश के साथ भी मनोरंजन किया। 

 बेहतरीन पशुओं को पुरस्कृत भी किया गया जिसमें भैंस के लिए प्रथम पुरस्कार मंटू यादव को, गाय मे शंकर नस्ल के लिए प्रथम पुरस्कार अमित कुमार को, बकरी के लिए प्रथम पुरस्कार रिहाना खातून को बकरा के लिए प्रथम पुरस्कार मोहम्मद राजा अहमद को, बकरी की उन्नत नस्ल का प्रथम पुरस्कार विशाल कुमार को, मुर्गा के लिए प्रथम पुरस्कार मोहम्मद आसिफ आरिफ को, बत्तख के लिए प्रथम पुरस्कार मोहम्मद अंसार को, और कुत्ता में बड़ा नस्ल के लिए प्रथम पुरस्कार राहुल भारद्वाज को और मध्यम आकार के लिए रवि कुमार के कुत्ते को पुरस्कृत किया गया वहीं छोटे नस्ल के नर और मादा के लिए आदर्श कुमार को पुरस्कृत किया गया।

 

 *कार्यशाला का हुआ आयोजन* : 

 

 "तकनीक आधारित खेती से आत्मनिर्भर किसान" विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन जिसका उद्घाटन माननीय कुलपति बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर डॉक्टर डॉ डीo आरo सिंह और माननीय कुलपति पूर्णिया विश्वविद्यालय डॉक्टर राजनाथ यादव ने संयुक्त रूप से किया। विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ आर सुहाने ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। पूर्णिया विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉक्टर राजनाथ यादव ने स्वदेशी के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से भी खेती करने के लिए किसानों को सलाह दिया, उन्होंने कृषि में जेनेटिक इंजीनियरिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। बिहार कृषि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉक्टर डॉ डीo आरo सिंह ने कहा कि सिर्फ प्रयोगशाला से खेत तक हम सीमित नहीं रहेंगे बल्कि आज जरूरी है कि खेत से वापस प्रयोगशाला को भी जोड़ा जाए। इसी क्रम में माननीय कुलपति ने समस्तीपुर के नवाचारी किसान श्री सुधांशु कुमार के खेतों का भ्रमण करने के लिए छात्रों और सभी वैज्ञानिकों को सलाह दी। कुलपति ने कहा कि हमें पारंपरिक तकनीक को भी पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है हमें अपने धरोहर को बचाने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय अपनी जी आई फसलों को पुनः संरक्षित करने के लिए शोध ब्रांडिंग और पैकेजिंग करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा की खेती को बचाना और खेती को बढ़ाना युवाओं के समक्ष आज एक चुनौती है। इस मंच से माननीय कुलपति ने स्व निर्मित फूलों के रंगों से ही होली खेलने का आह्वान किया साथ ही घोषणा की कि विश्वविद्यालय के सभी कर्मी और वैज्ञानिक फूलों से ही स्वयं रंग बनाकर होली खेलेंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा सिंदूर के पौधों का टिश्यू कल्चर द्वारा उत्कृष्ट पौधा बनाए जाने की जानकारी दी। उद्घाटन सत्र मे विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाता, निदेशक और वैज्ञानिकों के अलावा सभी कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रधान एवं वैज्ञानिक शामिल हुए। धन्यवाद ज्ञापन सह निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ आर एन सिंह ने किया।

 

 *खेती से चार करोड़ सालाना टर्न-ओवर वाले किसान सुधांशु ने किसानों को किया सम्बोधित:* 

 

 समस्तीपुर के नवाचारी किसान श्री सुधांशु कुमार ने इस कार्यशाला में किसानों को संबोधित करते हुए अपने अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि बेहतर स्कूलिंग और प्रोफेशनल डिग्री करने के बाद भी वह पिछले 34 साल से खेती कर रहे हैँ। मुख्य तौर पर सुधांशु हाईटेक हॉर्टिकल्चर पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को अब जरूरत है कि पारंपरिक खेती से अलग हटकर नए जमाने की खेती करने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने बारे में बताया कि वह समस्तीपुर में ड्रेगन फ़्रूट, लीची, स्ट्रॉबेरी, मौसमी, अनार, शरीफा, आम, केला, संतरा इत्यादि की खेती हाईटेक तरीके से कर रहे हैं। सुधांशु ने बताया कि वे प्रति बीघा साढ़े तीन लख रुपए की आमदनी कर रहे हैं। उनकी खेती लीक से अलग हटकर है और उनके खेतोँ मे पूरी तरह से ऑटोमेटिक कार्य होता है। उनके खेतों में फाइबर ऑप्टिक वाई-फाई सीसीटीवी लगी हुई है। वह यहां से भी बैठकर अपने खेतों की निगरानी कर सकते हैं और खेतों में जरूरत पड़ने पर कहीं से भी अपने मोबाइल से स्प्रिंकलर या ड्रिप इरीगेशन के सिस्टम को ऑन कर सकते हैं।

इस आशय की जानकारी विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क अधिकारी डॉ राजेश कुमार ने दी।

  (Posted on 17 Feb 2024)

बीएयू सबौर में शुरू हुआ किसान मेला

तीन दिनों तक चलने वाला राज्य के सबसे लोकप्रिय किसान मेला का शुभारम्भ आज दिनांक 17.02,2023 को बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर, भागलपुर में हुआ | इस मेले का उद्घाटन बिहार सरकार के माननीय मंत्री ग्रामीण विकास श्री श्रवन कुमार ने किया | बिहार कृषि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ डी आर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुए उद्घाटन सत्र में भागलपुर के सांसद श्री अजय मंडल, गोपालपुर के विधायक श्री गोपाल मंडल, सुल्तानगंज के विधायक श्री ललित नारायण मंडल, नाथनगर विधायक अली असरफ सिद्दकी, बिहारी गंज के विधायक श्री निरंजन कुमार मेहता, तारापुर के विधायक श्री राजीव कुमार सिंह के अलावा अन्य गण्यमान अतिथि उपस्थित रहे | मेले के पहले दिन पुरे बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश और झारखण्ड के दस हजार से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया जिमें छः हजार किसानिन ने शुल्क देकर अपना निबंधन भी करवाया |

इस मौके पर सभी अतिथियों ने परिसर में लगे सौ से अधिक स्टालों का भ्रमण किया | यहाँ लगे स्टालों पर कृषि के नवीनतम तकनीकों के अलावा नयी किस्मों को प्रदर्शित की गयी है | उद्यान प्रदर्शनी में तरह-तरह के फल जैसे आम, ड्रैगन फ्रूट, काला अंगूर, लाल अंगूर इत्यादि फलों की प्रदर्शनी लगायी गयी है वहीँ सब्जियों में पिला गोभी, बैंगनी गोभी सात किलो का मुली पच्चीस किलो का कद्दू इत्यादि के अलावा आकर्षक फूलों की प्रद्रशनी भी लगायी गयी है | 

इस बार के मेले का विषय “तकनीकी आधारित खेती से आत्मनिर्भर किसान” पर केन्द्रित है | उद्घाटन सत्र में बोलते हुए माननीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार ने कहा कि भले ही यह मेला तीन दिनों का ही हो रहा है लेकिन किसान अगर यहाँ से प्रदर्शित तकनीकी को सीखकर जा रहे हैं तो निश्चित ही उनके लिए जीवन भर फायदा होगा | आगे उन्हों कहा कि बिहार पुरे देश में सबसे अधिक विकास दर हासिल करने वाला राज्य बना तो आप सभी किसानों के ही बदौलत | माननीय मंत्री ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय के शोध कार्यों की प्रसंशा की और कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के सोच को बीएयू ने साकार किया है और नयी तकनीकी और किस्मों का इजाद कर किसानों को दिया है जो आज उनकी खेतों में लहलहा रहे हैं | विश्वविद्यालय के प्रसार के क्षेत्र में किये गये प्रयासों की भी सराहना की | माननीय मंत्री ने कहा की आज पूरी दुनिया में प्रतिस्पर्धा है और हमें बराबरी पर आना है तो वैज्ञानिकों के बताये गए तकनीकों को अपनाना ही होगा | 

अपने अध्यक्षीय भाषण में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ डी० आर० सिंह ने कहा कि यहाँ आये हुए किसान यहाँ से देख और सीख कर अपने गांवों और कस्वों में जाएँ तो अन्य किसान बंधुओं को भी नवीन तकनीकों के बारे में जरुर बताएं | माननीय कुलपति ने कहा कि हमारा विश्वविद्यालय जब भी शोध करती है तो छोटे और मंझोले किसानों के हितों को ध्यान में रख कर करती है, हमारा लक्ष्य है तकनीकी आधारित खेती और युवाओं को वैज्ञानिक खेती के लिए प्रेरित और प्रशिक्षित करना | 

गोपालपुर के माननीय विधयक ने विश्वविद्यालय के कुलपति के कार्यों की जमकर सराहना की | इससे पूर्व सभी माननीय अतिथियों को स्वागत किया गया, प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ आर० के० सोहाने ने स्वागत भाषण दिया एवं निदेशक शोध डॉ ए० के० सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया |

 

 नवाचारी किसानों को किया गया सम्मानित :

इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कर करने वाले नव्चारी किसानों को अंगवस्त्र ओढ़कर एवं प्रसस्ती पत्र देकर माननीय ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया | 

 *इन किसानों को किया गया सम्मानित* 

पूर्वी चंपारण के किसान : दुर्गा सिंह 

भागलपुर के किसान : अमित कौशिक 

भोजपुर के किसान : अभिमन्यु कुमार सिंह 

रोहतास के किसान : प्रेमचंद्र कुमार पटेल 

बक्सर के किसान : जय प्रकाश सिंह 

औरंगाबाद के किसान : श्री विनय कुमार 

शेखपुरा के किसान : मधूमिता कुमारी 

कटिहार के किसान : कुमारी प्रीती 

राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किसान श्री सत्यदेव सिंह को भी इस मेले में सम्मानित किया गया |

 

 *अनुकम्पा पर दिया गया नियुक्ति पत्र* :  

इस मौके पर माननीय मंत्री श्री श्रवन कुमार ने कर्मियों के असामयिक मृत्यु के उपरांत आश्रितों को अनुकम्पा के अधर पर नियुक्ति पत्र प्रदान किया |

 

 *कृषि कैलेण्डर और अन्य प्रकाशनों का लोकार्पण* : इस मौके पर गण्यमान अतिथियों द्वारा वार्षिक कृषि कैलेण्डर और कृषि की कहवतें पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया | एक किसान श्री कृष्ण मुरारी सिंह द्वारा लिखित पुस्तक “ऋषियों की कृषि संस्कृति” का भी लोकार्पण हुआ |

 

 *“नयी सोच और नई खोज”* : मेले में विश्वविद्यालय के अन्य इकायों जैसे कृषि महाविद्यालय और कृषि विज्ञानं केन्द्रों द्वारा लगाये गये विभिन्न स्टाल को नयी सोच और नयी खोज पर आधारित थीम पर बनाया गया है, जिसके प्रति युवाओं ने खूब रूचि दिखाई | 

 *सांस्कृतिक संध्या का आयोजन* : मेले की शाम में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्रों द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया | जिसके अन्तरगत नृत्य और गायन के अतिरिक्त बिहार की विभिन्न लोक कलाओं को भी प्रस्तुत किया गया, जिसे दखकर अगतुक किसान मंत्रमुग्ध हो गये |

  (Posted on 16 Feb 2024)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के रूफ टॉप गार्डन का उदघाटन 

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के रूफ टॉप गार्डन का उदघाटन दिनांक  16 फरवरी को माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह द्वारा किया गया। इस मौके पर निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आर. के. सोहाने, निदेशक शोध डॉ. ए. के. सिंह, अधिष्ठाता परास्नातक डॉ. आर. पी. शर्मा, बिहार कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डा. एस. एन. राय, जेब प्राद्योगिकी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एन. चट्टोपाध्याय, तथा कृषि वाणिकी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम. के. वाधवानी, सभी विभागों के अध्यक्ष तथा पी. आर. ओ. डॉ. राजेश कुमार एवं अन्य वैज्ञानिक मौजूद थे।
इस उपलक्ष पर माननीय कुलपति ने तुलसी के पौध का रोपण, तथा पालक के पहली तुड़ाई किए। रूफ टॉप गार्डन में सब्जी, फल, फूल एवं औषधीय पौधे लगे हुए है। 
शहरी विकास के साथ छत पर बागवानी की अहम भूमिका पर चर्चा हुई।

  (Posted on 16 Feb 2024)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के केंद्रीय पुस्तकालय में बसंत पंचमी के अवसर पर माननीय कुलपति डॉ डी आर सिंह द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा का अनावरण किया गया ।

  (Posted on 07 Feb 2024)

National Seminar on Maize Production Technology

Perspective for Income and Employment Generation (MPTPIEG-2024) organized at BPSAC, Purnia in collaboration with BISA, Pusa, Bihar and Dhanuka Agritech Ltd. The event was presided over by Dr. D R Singh, Vice Chancellor ,Bihar Agricultural University, Sabour. The inaugural session began with the lighting of the lamp by the dignitaries in the presence of the scientific community and the progressive farmers of the region. Dr. D R Singh, in his presidential address delivered in virtual mode emphasized on increasing the production and productivity of maize with a special attention to increase the income of the farmers.

  (Posted on 03 Feb 2024)

BAU में आठ राज्यों के साठ वैज्ञानिक लेंगे आई सी टी के ज्ञान

कृषि विस्तार और अनुसंधान के लिए आईटीसी में प्रभावशाली प्रौद्योगिकी का उपयोग’ विषय पर आईसीएआर प्रायोजित CAFT प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में किया गया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. एम हक ने डॉ. आरपी शर्मा, डीआरआई सह डीन पीजीएस, बीएयू , डॉ. ए.के. साह, डीन (कृषि), डॉ. ए.के. सिंह, निदेशक अनुसंधान, बीएयू सबौर, डॉ. मोहम्मद फेज़ा अहमद, डॉ. एस.एन. रॉय, एसोसिएट डीन सह प्राचार्य, बीएसी, सबौर, की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस इक्कीस दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम में कुल 22 वैज्ञानिक प्रशिक्षण लेंगे। तेलंगाना, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और बिहार सहित कुल आठ राज्यों के वैज्ञानिक सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) में प्रभावशाली प्रौद्योगिकियों पर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। माननीय कुलपति डॉ डी आर सिंह, माननीय कुलपति मानते हैँ कि बीएयू सबौर कृषि के क्षेत्र में आई सी टी प्रयोग में वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्थान रखता है अतः भारतीय कृषि अनुसन्धान केंद्र नई दिल्ली यहाँ पुरे देश भर के वैज्ञानको को यहाँ प्रशिक्षण लेने के लिए भेजती है।

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय द्वारा ड्रोन प्रौद्योगिकी, तकनीकी फिल्म निर्माण और किसानों के लिए एआई-आधारित सलाहकार सेवाओं सहित कई प्रभावशाली तकनीकों को बखूबी प्रयोग कर रही है और न सिर्फ अपने देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर यहाँ के हाई टेक कार्यों की सराहना होती है। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण विस्तार और अनुसंधान के लिए आईसीटी उपकरण सीखने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।

  (Posted on 01 Feb 2024)

Brainstorming cum interactive session organized by ISSS, Sabour Chapter

The Sabour Chapter of ISSS and Department of Soil Science and Agricultural Chemistry organized a brainstorming cum interactive session on ‘Soil Survey and Land Use Planning: Research Advances and Future Scope” chaired by Dr Krishnendu Das, Former Head, ICAR- National Bureau of Soil Survey and Land Use Planning (ICAR-NBSS&LUP) Regional Centre, Kolkata on 31st January, 2024 at 4:00 PM in the Conference Hall of SSAC. Identification of problem, project planning, funding opportunities and inter-disciplinary team formation were focal area of discussion. There were lively interactions among faculty, students and expert. Earlier, Dr Anshuman Kohli, Chairman, SSAC & CSSO welcomed Dr Krishnendu Das with flower bouquet. Dr Nintu Mandal, Secretary, ISSS, Sabour chapter coordinated the session whereas vote of thanks was delivered by Dr. Kasturika Sen Beura, Treasurer, ISSS, Sabour chapter. 

  (Posted on 29 Jan 2024)

गणतंत्र दिवस समारोह में बेहतरीन झांकी प्रदर्शनी के लिए कृषि विज्ञान केंद्र सबौर को मिला प्रथम पुरुस्कार

 

75वें गणतंत्र दिवस समारोह के आवास पर माननीय कुलपति बिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र सबौर को सर्वश्रेष्ठ झांकी प्रदर्शनी के लिए सम्मानित किया। कृषि विज्ञान केंद्र सबौर द्वारा प्राकृतिक खेती और इसके महत्व को दर्शाते हुए एक बेहतरीन झांकी प्रस्तुत की गयी। झांकी में देसी गाय पालन, गोमूत्र और गोबर के प्रयोग से जैविक खेती को दर्शाया गया। केंद्र के रावे विद्यार्थियों द्वारा एक संगीतमय और मोनो एक्ट की प्रस्तुती द्वारा प्राकृतिक खेती के तरीकों एवं महत्व को बताया गया। गौरतलब है कि कृषि विज्ञान केंद्र सबौर द्वारा प्रकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु परियोजना भी संचालित की जा रही है साथ ही केंद्र पर देसी गाय पालन भी सफलता पूर्वक की जाती है। इस उपलब्धि पर केंद्र के सभी कर्मियों हर्षोल्लास व्याप्त रहा। केंद्र के प्रमुख डॉ राजेश कुमार ने सभी कर्मियों और रावे विद्यार्थियों को बधाई दी।

  (Posted on 22 Jan 2024)

Place visited in Trekking Camp -

1) Aizwal zoological park 20 km from camp location 

 2) Solomon temple 

 3) Helipad

 4) Mizoram University

 *Lecture attend* - 1) Mizo language basic .

2) Unexplored Mizoram nd it's importance..

 *State participate in treking camp - Bihar and Jharkhand directorate, North East state, Arunachal Pradesh, Assam, Manipur, Meghalaya, Mizoram, Nagaland and Tripura , Rajasthan, West Bengal nd Sikkim directorate, Odisha directorate,

  Cultural activities - Bihar and Jharkhand director winner 🏆, program given on national integration ( Unity in diverse culture nd caste in India) which is one of the aim of NCC participants BAC student Santosh Kumar, Madan Mohan, Monu Kumar Manas Kumar , rishabh kumar , sachin kumar, nihal Kumar ,, nd also know the tradition nd rich culture of mizoram nd different State.. presentation given on Bihar and Jharkhand directorate by BAC student Madan Mohan..

  (Posted on 14 Jan 2024)

 सबौर मे क्रिकेट लीग टूर्नामेंट का हुआ आगाज़

 

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के परिसर में आयोजित क्रिकेट लीग प्रतियोगिता 2024 का उद्घाटन आज दिनांक 13.01.2024 को माननीय कुलपति महोदय, डॉ० डी आर सिंह द्वारा विधिवत शुभांरभ स्वयं बैटिंग करके किया गया। सभी प्रतिभागियों को निष्ठा और अनुशासन पूर्वक खेलने की शपथ दिलायी गई। उद्घाटन समारोह में निदेशक छात्र-कल्याण डॉ आर. के. सोहाने ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और अगले पाँच दिनों के क्रिकेट प्रतियोगिता 2024 के लिए शुभकामनाऐं दी। माननीय कुलपति ने प्रतिभागियों को तन्मयता से सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने को कहा और विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रौशन करने को कहा। माननीय कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि खेल-कूद हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए, पढाई के साथ-साथ आपके सर्वांगीण विकास के लिए खेल में अव्वल रहना बहुत जरूरी है। इस कड़ी में माननीय कुलपति ने बिहार के महान खिलाड़ियों के योगदानों को याद किया एंव प्रतिभागियों को उनसे प्रेररणा लेने की बात कही।

 

क्रिकेट टूर्नामेंट के पहले दिन का शुभारंभ बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर के (स्नातक) यू.जी. छात्रों बनाम पी जी (स्नातकोत्तर) छात्रों के बीच खेला गया। जिसमें पी.जी. (स्नातकोत्तर) छात्रों द्वारा टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 10 ओवर में 157 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी यूजी (स्नातक) छात्रों की पूरी टीम 107 रन बनाकर आलआउट हो गई। आर्यन राज को श्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गये।

 

वहीं आज के दूसरे मैच में बी.ए.यू. सबौर के फैकल्टी (शिक्षक / वैज्ञानिक) और एडमिनिस्ट्रेशन कर्मचारियों के बीच का मुकाबला हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय प्रशासन टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 10 ओवर में 99 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी फैकल्टी (शिक्षक / वैज्ञानिक) टीमों द्वारा निर्धारित 10 ओवर में 75 रन बना पाई। विश्वविद्यालय प्रशासन टीम 25 रन से विजय धोषित किये गये। इस मैच में संदीप कुमार को टीम का खिलाड़ी श्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गये।

 

अगला मैच कल रविवार को आयोजित की जायेगी, जिसमें तीन मैच कराया जायेगा।

 

कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय अधिष्ठाता स्नातकोत्तर, निदेशक छात्र एवं कल्याण, निदेशक कार्य एवं संयंत्र, कुलसचिव, निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र, सभी विभागाध्यक्ष, पीआरओ, वैज्ञानिक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे ।

  (Posted on 05 Jan 2024)

नव नियुक्त वैज्ञानिकों के प्रभावशालि शिक्षण, शोध और प्रसार हेतु पांच दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ 

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में पांच दिवसीय कार्यशाला का उदघाटन आज दिनांक 05.01.2024 को माननीय कुलपति महोदय डॉ डी. आर. सिंह, के द्वारा किया गया. उपरोक्त कार्यशाला का विषय प्रभावशालि शिक्षण, अर्थपूर्ण शोध एवं प्रसार है. इस कार्यशाला का उद्देश नव नियुक्त प्रध्याय्पक सह कनीय वैज्ञानिकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शोध व् प्रसार कार्य में अभिविन्यास करना है . इस कार्यशाला में कुल 27 नव नियुक्त वैज्ञानिकों ने भाग ले रहे हैं. कार्यशाला के उदघाटन के दिन मुख्य अतिथि व वक्ता प्रो. जगदीश प्रसाद, पूर्व प्रधान वैज्ञानिक, राष्ट्रीय मिट्टी सर्वेक्षण ब्यूरो, नागपुर, अधिष्ठाता कृषि, निदेशक प्रसार शिक्षा, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर, प्राचार्य, बिहार कृषि महाविद्यालय, सबौर, भागलपुर ने नव नियुक्त वैज्ञानिकों को प्रभावशालि शिक्षण, शोध और प्रसार कार्य के लिए गुण मंत्र प्रदान करने के साथ- साथ उनके उज्जवल भविष्य की कमाना की. माननीय कुलपति महोदय ने अपने संबोधन में समय प्रबंधन पर बल देते हुए उन्होंने बताया प्रत्येक वैज्ञानिको को अपने लक्ष्य को केन्द्रित करते हुये कार्यो का निष्पादन करना चाहिए. वैज्ञानिकों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण हेतु मुलभुत पुस्तकों को अध्ययन कर पढ़ाने का अभ्यास कर ना चाहिए जबकि अर्थपूर्ण शोध हेतु राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशित शोध पत्रों का समीक्षात्मक अध्ययन करना चाहिए. किसानों के बीच कुशल प्रसार कार्यकर्त्ता के रूप में प्रशिक्षण देने हेतु सभी विषयों पर अनुभव होना

चाहिए. इस मौके पर विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, कार्यशाला के संयोजक डॉ एन. चट्टोपाध्याय, विभागाध्यक्ष डॉ अंशुमान कोहली एवं अन्य वरीय वैज्ञानिकों उपस्थित थे. उदघाटन सत्र के अंत में आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किये.

  (Posted on 04 Jan 2024)

नवनिर्मित केन्द्रीय पुस्तकालय, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के इ-लाइब्रेरी का शुभारंभ (Opening) आज दिनांक 04 जनवरी 2024 को शाम 5 बजे माननीय कुलपति महोदय   डा0 डी0 आर0 सिंह के कर कमलों द्वारा किया गया। कुलपति ने छात्रों का आह्वान करते हुए कहा कि छात्र नियमित रूप से लाइब्रेरी में अध्ययन करें तथा Computer पर Cera apps का प्रयोग नियमित रूप से करें तथा e-Library से Video Lectures का भी उपयोग नियमित रूप से कर सकते है। उपरोक्त अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता कृषि, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर, निदेशक अनुसंधान, निदेशक बीज एवं प्रक्षेत्र, निदेशक कार्य एवं संयंत्र, निदेशक प्रशासन, निदेशक प्रसार शिक्षा, कुलसचिव, नियंत्रक, प्राचार्य सहित सभी विभाग के विभागाध्यक्ष, छात्र-छात्राएं एवं पुस्तकालय के सभी कर्मी उपस्थित थे। पुस्तकालय के e-Library में वत्र्तमान में 42 कम्प्यूटर सिस्टम Internet के साथ उपलब्ध है। इसके शुभारंभ से विधार्थियों, शिक्षकों एवं शोधकत्र्ता को लगभग e-Journals, 5000 e-Books, लाखों में e-Thesis की online सुविधा का लाभ मिलेगा। वत्र्तमान में पुस्तकालय में 8 Wi-Fi System भी उपलब्ध है। केन्द्रीय पुस्तकालय का त्थ्प्क्RFID System & Technology के Automation का कार्य किया गया है। इसमें Centralized AC एवं Lift की सुविधा उपलब्ध है।

  (Posted on 02 Jan 2024)

Courtesy Meet with Chancellor on the New Year

Vice Chancellor met Honourable Chancellor to seek blessings on New Year. He extended new year greetings and presented him the copy of patents acquired by the university and citizen charter of the university. He also updated him about submissions of NAAC SSR and NIRF Ranking.

  (Posted on 22 Dec 2023)

 बीएयू में अन्तर महाविद्यालय खेल-कूद एवं सांस्कृतिक समागम 2023 का शानदार समापन 

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के परिसर में आयोजित अन्तर महाविद्यालय खेल-कूद एवं सांस्कृतिक समागम 2023 का आज शानदार समापन हो गया | नौ महाविद्यालयों की टीमों में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखी गयी | नौ महाविद्यालयों से 10 टीम की कुल प्रतिभागियों की संख्या 394 था जिसमें 149 छात्राएं तथा 245 छात्रों की भागीदारी रही । इसके बावजूद खेल भावना की कोई कमी नहीं रही | गौरतलब है कि इतने बड़े स्तर पर इस वार्षिक आयोजन सफल आयोजन किया गया | यहाँ से गोल्ड मैडल प्राप्त खिलाडी भारतीय कृषि अनुसन्धान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय खेलों में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे | 

 सांस्कृतिक प्रतियोगिता में पैरों की थिरकन नें ठण्ड की ठिठुरन को किया कम 

खेल प्रतियोगिताएं के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम की छंटा से सबौर परिसर पूरी तरह सराबोर हो गया | प्रतिभागियों की पैरों की थिरकन ने ठण्ड की ठिठुरन को कम कर दिया |सांस्कृतिक प्रतियोगिता में लोक नृत्यों जैसे कजरी, ठुमरी, जट-जटिन और झिझिया से मंच सजा वहीँ फ़िल्मी और क्लासिकल नृत्यों की भी धूम रही | एकांकी नाटक से प्रतिभागियों ने मन मोहा तो वहीँ लघु नाटिका के अंतर्गत बीएसी के विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता आन्दोलन में तिलका मांझी के योगदानों का मंचन कर लोगों का मन मोह लिया |  

 बीएसी (स्नातकोत्तर) रहा चैम्पियन : 

अंतिम चैंपियनशिप में प्रथम स्थान बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) कुल 71 अंको (08 स्वर्ण, 7 रजत एवं 05 कांस्य पदक) के साथ चैम्पियन महाविद्यालय रहा । दुसरे स्थान पर 60 अंकों (6 स्वर्ण, 8 रजत एवं 03 कांस्य पदक) के साथ वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), तीसरे स्थान पर 42 अंकों (05 स्वर्ण, 03 रजत एवं 04 कांस्य पदक) के साथ बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक) विजेता रहे। विश्वविद्यालय के सबसे तेज धावक एवं धाविका सुधांशु राज वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर) एवं लड़कियों में सुप्रिया कुमारी, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक छात्रा) रही ।
उच्ची और लम्बी कूद सुप्रिया ने मारी बाजी लड़कों में संदीप भी रहे प्रथम : 
उच्ची कूद में लड़की समूह से सुप्रिया कुमारी, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक छात्रा), नेहा रानी शाक्या एवं सोनाक्षी राज क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, लड़को में संदीप कुमार बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) ऋषिकेश कुमार सिंह, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) अंकित सिंह भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज पूर्णिया क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे ।
लम्बी कूद में लड़की समूह से सुप्रिया कुमारी बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक छात्रा), कौशिकी सिंह डॉ० कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, प्रिया भारती उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, लड़को में संदीप कुमार कुमारी बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक छात्र), गोल्डन कुमार, कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय आरा तथा रौशन कुमार उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

 गोला फेंक में आरती और गोपाल रहे चैम्पियन

गोला फेंक में लड़की से आरती कुमारी डॉ० कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, निशु प्रिया बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), रिया राज भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज पूर्णिया क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, वही लड़को में गोपाल कुमार बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) सुधांशु राज वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), यशवंत कुमार, वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

 चक्का फेंक में मोनीका और सुमन प्रथम : 

चक्का फेंक में लड़की से मोनीका कुमारी मंडन भारती कृषि कॉलेज, सहरसा, भव्या बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), निशु प्रिया बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही। वही लड़को में सुमन कुमार बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) सुधांशु राज वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), रवि शंकर बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक छात्र), क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

 भाला फेंक में निशु और प्रताप रहे विजेता : 

भाला फेंक में लड़की से निशु प्रिया बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), श्रेया सिंह बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), कनिका झा वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही। लडको में सुधांशु राज वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), मदन मोहन बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक) दिपक चौधरी बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

 दौड़ में नविन और अंकिता श्रेष्ठ धावक : 

1500 मीटर दौड़ में लड़को में नवीन कुमार, वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर) प्रताप कुमार, कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय आरा, ऋषिकेश कुमार सिंह, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

800 मीटर दौड़ में लड़की से अंकिता कृषि जैव प्रौधोगिकी महाविद्यालय, सबौर, प्रिया उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, प्रीति कुमारी वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, लडको में नवीन कुमार, वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव (बक्सर) नुनु कुमार वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव, उमेश रॉय बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

100 मीटर दौड़ में लड़की से रूपरेखा वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव, रूबी कुमारी डॉ० कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, श्रेया प्रगती उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, लडको में गोपाल कुमार बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), जयंत पतवारी डॉ० कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, कमलेश राम बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

200 मीटर दौड़ में लड़की से रूबी कुमारी डॉ० कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, रूप रेखा वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव, रूबी कुमारी बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, लडको में रोहन कुमार उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, नुनु कुमार वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव, निलेश कुमार भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज पूर्णिया, क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

400 मीटर दौड़ में लड़की से प्रिया भारती उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, प्रीति कुमारी वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव, सुमेधा प्रियदर्शी बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, लडको में नुनु कुमार वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव, कमलेश बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), सुरज कुमार बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहें।
4 X 100 मीटर रिलें दौड़ में लड़की से प्रथम स्थान कृषि जैव प्रौधोगिकी महाविद्यालय, सबौर द्वित्तीय स्थान वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव, तृतीय स्थान पर उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय विजेय रहे। लडकों से रिलें दौड़ में प्रथम स्थान उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय द्वित्तीय स्थान बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), तृतीय स्थान पर कृषि जैव प्रौधोगिकी महाविद्यालय, सबौर विजेय रहे।

 सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धा में छः स्वर्ण के साथ बीएसी चैम्पियन : 

सास्कृतिक कार्यक्रम में कुल 18 कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 365 प्रतिभागी शामिल हुए, सास्कृतिक कार्यक्रम में बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक), के छात्र-छात्राओं को 06 स्वर्ण, 04 रजत एवं 06 कांस्य पदक प्राप्त हुए जबकि बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), के छात्र-छात्राओं को 10 पदक प्राप्त हुए जिसमें 02 स्वर्ण, 04 रजत एवं 06 कांस्य 02 कांस्य पदक प्राप्त हुए हाँलाकि वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव ने भी 10 पदक हासिल किये जिसमें 02 स्वर्ण, 04 रजत एवं 04 कांस्य, 02 कांस्य पदक शामिल है, इस सांस्कृतिक प्रतियोगिता में अधिकतम अंक प्राप्त कर बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातक) को प्रथम चैम्पियन धोषित किया गया एवं बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, (स्नातकोत्तर), को द्वित्तीय चैम्पियन धोषित किया गया। प्रतियोगिता में अधिकतम अंक प्राप्त करने वाली छात्रा सुश्री सुफिया फराज, जो डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय किशनगंज की छात्रा हैं उन्हें बेस्ट परफॉर्मेंस का अवार्ड दिया गया। 
समापन समारोह अधिष्ठाता (कृषि), अधिष्ठाता कृषि डॉ० अजय कुमार साह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । समापन समारोह के उपलक्ष्य पर विश्वविद्यालय के सभी अधिष्ठाता, निदेशक, प्राचार्य, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं कर्मचारी उपस्थित थे, सभी बच्चों को बधाई दिया और अनुरोध किया कि वो और बेहतर प्रदर्शन करें तथा राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीते। राष्ट्रीय स्तर पर जीतने से विश्वविद्यालय की रैंकिग उपर जाऐगी। निदेशक, छात्र कल्याण डॉ. फिज़ा अहमद ने छात्रों को अपनी शुभकामनाएँ दी।

कार्यक्रम का संचालन श्री अमित कुमार, प्रभारी पदाधिकारी खेल-कूद, बी.ए.यू. सबौर एवं डॉ. शंभू प्रसाद, प्रभारी पदाधिकारी सांस्कृतिक कार्यक्रम डॉ० अवधेष पाल, डॉ० रवि रंजन, डॉ श्वेता शाम्भावी तथा विभिन्न इवेंट कोच, बि.ए.यू., सबौर के द्वारा किया गया ।

  (Posted on 22 Dec 2023)

अंतर महाविद्यालय खेल-कूद एवं सांस्कृतिक समागम का तीसरे दिन प्रतिभागियों का उत्साह अपने चरम पर (17-12-2023)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के प्रागंण में आयोजित अन्तर महाविद्यालय खेल-कूद एवं सांस्कृतिक समागम 2023 का तीसरा दिन प्रतिभागियों का उत्साह अपने चरम पहुँच गया है। अपनी लेखनी से धाक जमाने वाले छात्र-छात्राएँ खेल में भी अपने प्रदर्शन से अमिट छाप छोड़ रहे हैँ। पढ़ाई की दौड़ मे अववल रहने वाली छात्राएँ मैदानी दौड़ में भी अववल आ रही हैँ। आज 400 मीटर दौड़ में लड़की से प्रिया भारती, उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, प्रीति कुमारी, वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर) सुमेधा प्रियदर्शी, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर तथा लड़को से नुनु कुमार, वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), कमलेश कुमार (स्नातकोत्तर छात्र), बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, सुरज कुमार (स्नातक छात्र) बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे। 200 मीटर दौड़ में लड़की से रूबी कुमारी, डॉ० कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज, रूप रेखा वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), रूबी कुमारी (स्नातकोत्तर छात्रा), बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, से क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रही वहीं लड़को में रोहन कुमार, उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, नुनु कुमार, वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), निलेश कुमार भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज पूर्णिया से क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे। 4X100 मीटर रिलें दौड़ लड़की टीम से प्रथम स्थान रहे कृषि जैव प्रौधोगिकी महाविद्यालय, सबौर तथा द्वितीय स्थान वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमराँव (बक्सर) तथा तृतीय स्थान उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, वहीं लड़को टीम से प्रथम स्थान रहें उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, द्वितीय स्थान (स्नातकोत्तर) बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, तृतीय स्थान पर कृषि जैव प्रौधोगिकी महाविद्यालय, सबौर । भाला फेंक में लड़की से निशु प्रिया, (स्नातकोत्तर छात्रा), बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, श्रृया सिंह (स्नातकोत्तर छात्रा), बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर तथा कामिनी झा, वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रही तथा लड़को से सुधांशु राज, वीर कुंवर सिंह कृषि कॉलेज, डुमरॉव (बक्सर), मदन मोहन बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, दिपक चौधरी (स्नातकोत्तर छात्र) बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर में क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे। उच्ची कूद में लड़की से सुप्रिया कुमारी, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, नेहा रानी, (स्नातकोत्तर छात्रा), बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, सोनाक्षी राज, भोला पासवान शास्त्री कृषि कॉलेज पूर्णिया से क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रही। कबड्डी के सेमी फाईनल में मंडन भारती कृषि महाविद्यालय, अगवानपुर ने उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय के विरूद्ध जीत दर्ज की वहीं फाईनल वालीबॉल के महिला टीम ने बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर (स्नातकोत्तर) ने डॉ० कलाम कृषि महाविद्यालय, किशनगंज के विरूद्ध जीत दर्ज की इस के अलावा बैडमिंटन, वॉलीबॉल, कबड्डी, गोला फेंक तथा सांस्कृतिक प्रतियोगिता में विभिन्न कार्यक्रम जैसे समूह नृत्य, डिबेट, एलोकेशन क्विज आदि खेलों सम्पन्न कराई गयी।
संध्या काल मे सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें नृत्य प्रतियोगिता, एकांक नाटक और लघु नाटिका का आयोजन हुआ। सभी महाविद्यालयों से आये हुए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इन कार्यक्रमों की समा ऐसी बंधी कि दर्शक मन्त्रमुग्ध हो गए।
 सोमवार को अंतर महाविद्यालय खेल-कूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समापन किया जाऐगा तथा विभिन्न महाविद्यालय स्तरीय चैम्पियनशिप घोषित कर छात्र-छात्राएं को सर्टिफिकेट एवं स्वर्ण, रजत एवं कास्यं पदक से सम्मानित किया जायेगा।

सभी प्रतियोगिताओं को नियम पूर्वक एवं ससमय सम्पन्न करवाने में अधिष्ठाता क़ृषि डॉ अजय कुमार शाह, निदेशक, छात्र-कल्याण, डॉ. फिज़ा अहमद, श्री अमित कुमार, प्रभारी पदाधिकारी खेल-कूद, बी.ए.यू. सबौर एवं डॉ० यानेन्द्र कुमार सिंह, प्रभारी पदाधिकारी खेल-कूद, प्रभारी पदाधिकारी बी ए सी सबौर, डॉ० अवधेष पाल, डॉ० रवि रंजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम के कंवेनर डॉ शम्भू प्रसाद, डॉ टी0 चटोपाधाय, डॉ पंडा तथा विभिन्न इवेंट कोच ने कबड्डी एवं ऐथलेटिक करवाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई ।
 इस आशय की सूचना विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने दी।

  (Posted on 22 Dec 2023)

बी.ए.यू. सबौर में अंतर महाविद्यालय खेल-कूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता-2023 के दूसरे दिन रोचक रहा मुकाबला (16-12-2023)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में चल रहे वार्षिक अंतर महाविद्यालय खेल-कूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता-2023 के कारण परिसर में उल्लास का वातावरण कायम है। परिसर में हर तरफ राज्यभर के विश्वविद्यालय अन्तर्गत नौ महाविद्यालयों के आये छात्र-छात्राएँ विभिन्न खेलों में भाग ले रहें हैं। कहीं दौड़ का आयोजन हो रहा है तो कहीं चक्का फेंक एवं भाला फेंक में छात्र-छात्राएँ हाथ अजमा रहीं हैं। सभी टीम अपनी-अपनी प्रतिभागियों का जोश बढ़ा रहे है वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक कार्यक्रम से भी परिसर साराबोर है देश भक्ति गीत, समूह गायन एवं अन्य संगीतमयी प्रस्तुति पर विद्यार्थी झूम रह रहे हैं।

दूसरे दिन खेल की शुरूआत लड़कों के 1500 मीटर दौड़ से हुई। लड़को में नवीन कुमार, वीर कुवंर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमरॉव (बक्सर), वहीं प्रताप कुमार, कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय, आरा, ऋषिकेश कुमार सिंह, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर (स्नातकोत्तर छात्र) क्रमशः प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान रहे । चक्का फेंक में लड़कियों दम-खम दिखाया, इनमें से मोनिका कुमारी, मंडन भारती कृषि महाविद्यालय, अगवानपुर, भाव्या, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर (स्नातकोत्तर छात्रा) एवं निशु प्रिया, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर (स्नातकोत्तर छात्रा) क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रही, लड़को भी पिछे नहीं रहे इनमें से सुमन कुमार, (स्नातकोत्तर छात्र) बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर, सुधांशु राज वीर कुवंर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमराँव, रवि शंकर, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर (स्नातक छात्र) क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे। ऊंची कूद में लड़कियों से सुप्रिया कुमारी, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर (स्नातक छात्रा) नेहा रानी, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर (स्नातकोत्तर छात्रा), सोनाक्षी राज, भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया से क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रही। ऊंची कूद में लड़को से संदीप कुमार, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर (स्नातकोत्तर छात्र), ऋषिकेश कुमार सिंह, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर (स्नातकोत्तर छात्र), अंकित सिंह, भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ से क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे।

400 मीटर दौड़ में धावक लड़कीयों में से प्रिया भारती, उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, प्रीति कुमारी, वीर कुवंर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमरॉव (बक्सर) सुमेधा प्रियदर्शी, बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर (स्नातक छात्रा) से क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रही, पुरे दिन में लड़के एवं लड़कियों की लम्बी एवं ऊंची कूद, गोला फेंक, कबड्डी एवं टेबल टेनिस की प्रतियोगिताएं सम्पन्न हुई। इस के अलावा बैडमिंटन, वॉलीबॉल के खेल भी आयोजित हुए।

सांस्कृतिक प्रतियोगिता में विभिन्न कार्यक्रम जैसे पेटिंग, लाईट वोकल, पोस्टर मेकिंग, समूह गान, रंगोली, देशभक्ति गीत, स्पॉट पेटिंग आदि सम्पन्न कराई गयी। यह कार्यक्रम अगले सोमवार 18.12.2023 तक चलेगा।

सभी प्रतियोगिताओं को नियम पूर्वक एवं ससमय सम्पन्न करवाने में निदेशक, छात्र-कल्याण, डॉ. फिज़ा अहमद, श्री अमित कुमार, प्रभारी पदाधिकारी खेल-कूद, बी.ए.यू. सबौर एवं डॉ० यानेन्द्र कुमार सिंह, प्रभारी पदाधिकारी खेल-कूद, प्रभारी पदाधिकारी बी ए सी सबौर, डॉ० अवधेष पाल, डॉ० रवि रंजन, एवं श्री पवन कुमार, निजी सहायक, निदेशक छात्र-कल्याण तथा विभिन्न इवेंट कोच ने कबड्डी एवं ऐथलेटिक करवाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई । इस आशय की सूचना विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने दी।

  (Posted on 22 Dec 2023)

बीएयू में वार्षिक अन्तर महाविद्यालय खेल-कूद एवं सांस्कृतिक समागम का हुआ शानदार आगाज़ (15. 12. 2023) 

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के प्रागंण में आयोजित अन्तर महाविद्यालय खेल-कूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता 2023 का उद्घाटन माननीय कुलपति महोदय, डॉ० डी आर सिंह ने विधिवत रुप से शुभांरभ करते हुए मशाल प्रज्जवलित किया एवं प्रतिभागियों को मशाल प्रदान किया । उद्घाटन समारोह का शुभारम्भ प्रतिभागियों के मार्च पास्ट द्वारा हुआ । सभी प्रतिभागियों को निष्ठा और अनुशासन पूर्वक खेलने की शपथ दिलायी गई। मशाल दौड़ के बाद निदेशक छात्र-कल्याण डॉ फिजा अहमद ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और अगले चार दिन के खेल एवं संस्कृतिक प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाऐं दी। माननीय कुलपति ने प्रतिभागियों को तन्मयता से सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने को कहा और विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रौशन करने को कहा। माननीय कुलपति आगे कहा की खेल-कूद हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए, पढाई के साथ-साथ आपके सर्वांगीण विकास के लिए खेल में अव्वल रहना बहुत जरूरी है। माननीय कुलपति ने बिहार के महान खिलाड़ियों के योगदानों को याद किया एंव प्रतिभागियों को उनसे प्रेररणा लेने की बात कही।

इस चार दिवसीय खेल-कूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन छात्र-कल्याण निदेशालय, द्वारा किया गया है। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के नौ महाविद्यालयों, की भागीदारी हो रही है। इस प्रतियोगिता में कुल 482 छात्रों की भागीदारी रही, जिसमें 299 छात्र एवं 183 छात्राएँ की भागीदारी है, इन चार दिनों में विभिन्न प्रतियोगिताओं में 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर 1500 मीटर और 4x100 मीटर रिलें दौड़, वाली बॉल, बैडमिनटन, टेबल टेनिस, कब्बडी, भाला फेंक, गोला फेंक, चक्का फेंक, लम्बी कूद, उच्ची कूद, रंगोली, पोस्टर, कार्टून, पेंटिंग, कोलॉज, एकल एवं समूह गान, नाटक एवं समूह नृत्य में सभी महाविद्यालय के छात्र एवं छात्राएँ भाग लेंगे। इन सभी प्रतियोगितायों के आधार पर अन्तिम दिन सर्वश्रेष्ठ छात्र और छात्रा खिलाड़ी एवं चैम्पियन कॉलेज का चयन किया जाएगा । प्रतियोगिता का आरंभ 800 मीटर दौड़ (लड़की एवं लड़को) से हुआ, 800 मीटर दौड़ (लड़की) में अंकिता कुमारी, क• जै प्रौ महा•, सबौर, प्रिया कुमारी, उ.महा, नूरसराय तथा प्रीति कुमारी, वी कुं• सिं• कृ० महा, डुमराँव (बक्सर) क्रमशः प्रथम, द्वित्तीय, एवं तृतीय स्थान पर रहीं। लड़कों में नवीन कुमार, नुनु कुमार, वी • कुं• सिं कृ महा डुमराँव, उमेश कुमार बी.ए.सी. सबौर, सौरभ कुमार, भोपा शा कृ० महा• पूर्णिया क्रमशः प्रथम, द्धितीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे तथा 100 मीटर दौड़ में लड़की से रूपरेखा वीर कुंवर सिंह क़ृषि महाविद्यालय डुमराँव, रूबी कुमारी डॉ०कलाम क़ृषि महाविद्यालय, किशनगंज, श्रेया प्रगती उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय तथा लड़कों में गोपाल कुमार (स्नातकोत्तर छात्र) बी. ए.सी सबौर, जयन्त पटवाली डॉ० कलाम क़ृषि महाविद्यालय किशनगंज, कमलेश राम ( स्नातकोत्तर छात्र) बी ए सी सबौर से क्रमशः प्रथम, द्धितीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे। लम्बी कूद में लड़की से सुप्रिया कुमारी बी ए सी सबौर, कौशिका सिंह डॉ०क कृ महा, किशनगंज, प्रिया भारती उद्यान महा0, नूरसराय से क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रही। लम्बी कूद में लड़कों से संदीप कुमार बी ए सी सबौर, अनमोल राज कृ अभि• महा आरा, रौशन कुमार उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय से क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे। गोला फेंक में लड़की से आरती कुमारी डॉ०कलाम क़ृषि महाविद्यालय किशनगंज, निशु प्रिया (स्नातकोत्तर छात्रा) बी ए सी सबौर, रिया राज BPSAC  पूर्णिया, से क्रमशः प्रथम, द्धितीय, एवं तृतीय स्थान पर रही तथा लड़कों से गोपाल कुमार (स्नातकोत्तर छात्र) बी ए सी सबौर, सुधांशु राज, यशवन्त कुमार वी VKSCOA  डुमराँव से क्रमशः प्रथम, द्वितीय, एवं तृतीय स्थान पर रहे। कबड्डी में दो मैच का आयोजन हुआ जिसमें बी ए सी सबौर के स्नातकोत्तर टीम ने डॉ०कलाम क़ृषि महाविद्यालय, किशनगंज के विरूद्ध जीत दर्ज की तथा उद्यान महाविद्यालय , नूरसराय ने बी ए सी सबौर के विरूद्ध जीत दर्ज की वालीबॉल के महिला टीम ने कृ अभि महा आरा की ओर से उद्यान महाविद्यालय , नूरसराय के विरूद्ध अपना जीत दर्ज किया तथा दूसारे मैच में बी.ए.सी. सबौर स्नातकोत्तर छात्राओं ने स्नातक छात्राओं के विरूद्ध शानदार जीत दर्ज किया । प्रतियोगिता के प्रथम दिन लड़के और लड़कियों की लम्बी कूद, भाला फेंक, बैडमिंटन, के लीग मैच का भी आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता कृषि, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर शिक्षा, निदेशक अनुसंधान, निदेशक कार्य एवं संयंत्र, कुलसचिव, तिलका मांझी विश्वविद्यालय, भागलपुर के अधिष्ठाता छात्र-कल्याण के अलावा सबौर, पूर्णिया, नूरसराय, डुमराँव एवं किशनगंज के प्रचार्य, सभी विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे । कार्यकम का संचालन अन्नु ने किया । संस्कृतिक प्रतियोगिता में आज क्ले मॉडलिंग, कार्टूनिंग, कोलॉज, स्किट, वन एक्ट प्लेय, मोनो एक्टिंग, नृत्य एवं गीत-संगीत का भी आयोजन किया गया।

  (Posted on 18 Dec 2023)

Workshop on "Vikshit Bharat@2047 -Voice of Youth held at Raj Bhawan Patna on 11th December, 2023

 

The workshop on "Vikshit Bharat@2047 – Voice of Youth" held on December 11, 2023, was a significant event inaugurated by the Hon’ble Prime Minister of India through an online platform. The gathering included Vice-Chancellors from various state and central universities, along with ten senior officers and teachers, who were assembled at their respective Raj Bhavans.

In Bihar, the workshop was inaugurated by the Hon’ble Governor and Chancellor of the University of Bihar, Shri Rajendra Vishwanath Arlekar ji, immediately after the formal inauguration by the Prime Minister of India. The workshop focused on five relevant subthemes related to the vision of a developed India by 2047 under the banner of "Vikshit Bharat@2047 – Voice of Youth."

Dr. Anil Kumar Singh, the Director of Research at Bihar Agricultural University, Sabour, and 10 faculty members represented the university during the workshop. Dr. Singh presented his views on the contribution of agriculture to the vision of a Developed India by 2047. He specifically highlighted the role and responsibilities of the Bihar government in the context of the '4th Agriculture Road Map.' This included the role of Bihar Agricultural University, Sabour, in achieving the goals and objectives outlined in the roadmap, particularly in areas such as crop diversification, millets, pulses, oilseeds, and overall self-sufficiency in agriculture. Dr. Singh also emphasized that Bihar is among the leading states in achieving higher annual growth in the agricultural sector and highlighted the significant contribution of agriculture to the state's GDP. Following his presentation, a question-answer session was held, providing an opportunity for further discussion and clarification on the topics presented during the workshop.

  (Posted on 05 Dec 2023)

Generic MoU exchanged between BAU, Sabour and Kansas State University, Manhattan, Kansas, USA for collaboration in education and research in mutual areas of interest.

  (Posted on 01 Dec 2023)

Accreditation of Bihar Agricultural University as a Green University in Plantinum Ranking

 

We are proud to announce that, Bihar Agricultural University, Bhagalpur has achieved the standards for Accredited Green University and hereby accredited a Green University in Plantinum Ranking

  (Posted on 30 Nov 2023)

बिहार कृषि विश्वविद्यालय में पोषक अनाज पर किसान, कृषि उद्यमी, स्टार्टअप और निवेशकों के सम्मलेन विषय पर कार्यशाला का उद्द्योग मंत्री ने किया उद्घाटन 

बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर में आज से दो दिवसीय पोषक अनाज विषय पर  किसान, कृषि उद्यमी, स्टार्टअप और निवेशकों के सम्मलेन पर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है | इस कार्यशाला का उद्घाटन बिहार के माननीय उद्योग मंत्री, बिहार सरकार श्री समीर कुमार महासेठ ने किया | इस सम्मलेन में बिहार के कृषि उद्यमी, किसान और निवेशक के तौर पर कई बैंकों के प्रतिनिधि बिहार में पोषक अनाज आधारित उद्यम को विकसित करने की संभावनाओं, चुनौतियों एवं समाधान पर मंथन कर रहे हैं | 
मुख्य अतितिथि के तौर पर बोलते हुए माननीय मंत्री ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदाओं से हमेशा जूझने के बावजूद  बिहार के पास पूरी क्षमता है कि यह उद्यमिता में एक अग्रणी राज्य बने लेकिन लम्बे समय से विशेष राज्य का दर्जा की मांग की जा रही है, मांग पूरी की जाती तो आज बिहार देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में होता | उन्होंने जोर देते हुए कहा कि निश्चित तौर पर कृषि को उद्योग का दर्जा मिलना चाहिए | कृषि को उद्यमिता का दर्जा मिलने पर बिहार में कृषि और कृषक दोनों का काया पलट हो सकता है | माननीय मंत्री ने आह्वान किया कि हम सभी को बिहार को अगले पांच वषों में देश के पांच अग्रणी राज्य में शामिल करने के  लिए कार्य करना है |   
इससे पूर्व अतिथियों को अधिष्ठाता कृषि डॉ ए० के० साह एवं निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ आर० के० सोहाने ने माननीय उद्योग मंत्री श्री समीर कुमार महासेठ, नाथनगर के माननीय विधायक अली अशरफ सिद्दीकी, CCS NIAM जयपुर के निदेशक डॉ रमेश मित्तल को पुष्प गुच्छ और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया | अधिष्ठता कृषि द्वारा स्वागत भाषण दिया गया |  NIAM के निदेशक ने डॉ रमेश मित्तल ने कहा कि बिहार कृषि और उद्यम में काफी समय से आगे रहा है और भविष्य में भी बिहार में उद्यमिता के क्षेत्र में भरपूर संभावनाएं हैं | उन्होंने कहा कि उद्योगों में कृषि का योगदान 70 प्रतिशत से अधिक है | 
तकनीकी सत्र में आज कई प्रस्तुतीकरण दिए गये जिसमें डॉ रमेश मित्तल, NIAM जयपुर  द्वारा  “पोषक अनाज आधारित नवाचार एवं मूल्य श्रृंखला का विकास” डॉ जोसेफ IIT, पटना द्वारा IIT पटना द्वारा बिहार में उद्यमिता विकास के लिए किये गये योगदान विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया गया |  
इस कार्यशाला में आये कई उद्यमियों के उत्पादों को भी लोकार्पित किया गया| एक स्टार्टअप ऋचा कुमारी द्वारा केले के रेशे से बना सैनेटरी पैड का लोकार्पण किया गया वहीँ मनीष कुमार द्वारा बनाये गये मिलेट्स बाइट और मिल्लेट्स केक का भी लोकार्पण किया गया | अध्यक्षीय भाषण निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ आर के सोहाने द्वारा किया गया | 
 यह कार्यशाला बिहार कृषि विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ डी० आर० सिंह के विजन के परिणाम स्वरुप आयोजित किया गया | गौरतलब है कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि उद्यमियों को प्रशिक्षित एवं प्रोत्साहन देने के लिए पहले से SABAGRIs योजना द्वारा इन्क्युवेशन सेंटर चलाया जा रहा है | 
कार्यशाला के आयोजन सचिव डॉ एस० एम० रहमान रहे एवं धन्यवाद ज्ञापन सह निदेशक प्रसार शिक्षा  डॉ आर० एन० सिंह ने किया  |  इस आशय की सुचना विश्वविद्यालय के पी०आर०ओ० डॉ राजेश कुमार ने दी | 

 माननीय मंत्री ने सामुदायिक रेडियो से किया संबोधन  :
इससे पूर्व माननीय उद्योग मंत्री ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय के मीडिया सेंटर का दौरा किया एवं सामुदायिक रेडियो स्टेशन से बिहार युवाओं, कृषि उद्यमियों एवं किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि “बिहार के युवा बहुत ही क्षमतावान हैं बस उन्हें बिहार के उद्यमिता के अवसरों को पहचानने की आवश्यकता है” उन्हें कहा कि बिहार के सभी जिलों में स्थानीय विशेषता के आधार पर छोटे-छोटे उद्योग स्थपित हो रहे हैं और राज्य सरकार उन्हें भरपूर सहायता कर रही है | माननीय मंत्री बिहार कृषि विश्वविद्यालय के प्रसार इकाई के रूप में मीडिया सेंटर और सामुदायिक रेडियो के कर्यों को सराहा एवं कहा कि बिहार के उद्यमियों के हित में बनने वाले फिल्म या रेडियो से जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर उद्योग विभाग हरसंभव मदद करेगी |

  (Posted on 28 Nov 2023)

One-day Health checkup camp and Nutri-kits distribution programme on 27.11.2023

A one-day Health checkup camp of adopted primary school childrens and Nutri-kits distribution programme was organized by Dr. Kalam Agricultural College, Kishanganj, as part of the Bihar Agricultural University, Sabour's Malnutrition Eradication Programme under the chairmanship of Dr. K. Sathyanarayan, Assoc. Dean-cum-Principal. The programme took place on November 27th, 2023, at the Village Ganiyabadi, Panchayat Motathana, Block Pothiya, District Kishanganj. The said programme was conducted in collaboration with the medical staff of the Pothiya Community Health Centre, of Kishanganj District. Initially, the model Nutri-garden, where farmers had planted fruits and medicinal plants, was visited by Dr. Sathyanarayana K. Assoc. Dean-cum-Principal. Following the field visit, about 50 farmers received a nutri-kit containing vegetable seeds. The medical team subsequently assessed the kids' nutritional conditions at Jharwabadi Primary School.

  (Posted on 26 Nov 2023)

Vice Chancellor, Bihar Agricultural University, Sabour, Dr DR Singh, made a courtesy call upon the Hon'ble Chancellor, BAU, Sabour, and Governor, Bihar, Sh Rajendra Vishwanath Arlekar and greeted him on the occasion of Constitution Day, 26th November, 2023.

  (Posted on 08 Nov 2023)

MoU between DKAC Kishanganj and Central Silk Board, Bangalore on 08.11.2023

 

Dr. Kalam Agricultural College, Kishanganj under Bihar Agricultural University, Sabour, Bhagalpur and Central Silk Board,  Ministry of Textiles,  Govt. of India, Bangalore, entered in to a non-financial MoU on 08.11.2023 at Administrative Staff College, Guwahati, Assam. The MoU was signed by Dr. Sathyanarayana K., Associate Dean cum Principal, Dr. Kalam Agricultural College, Kishanganj and Dr. S. Manthira Moorthy, Director [Tech], CSB, Bangalore in the presence of Padma Shree Dr. S. Ayyappan, Former Secretary,  DARE & DG, ICAR & Chairman, Research Co-ordination Committee- CSB, Shri. P. Shivakumar, Member Secretary, CSB, other members of RCC- CSB, Directors & scientists of CSB and stakeholders in Silk Industry from NE States. The main areas of cooperation in the MOU are to provide quality education and training in all the sectors of sericulture and to conduct research in areas of mutual benefits.

  (Posted on 08 Nov 2023)

BAU Scientists facilitated during the International Conference of Soil Conservation Society of India, New Delhi.

 

Dr. Ajeet Kumar, Assistant Professor (Soil Science) has been conferred with the Student Incentive Award (Ph.D.) of the Soil Conservation Society of India, New Delhi. Dr. S. K Gupta, Assistant Professor (Agronomy) has been conferred with the Leadership Award of the Soil Conservation Society of India, New Delhi. These awards were conferred during the inaugural session of the 5th International Conference of the SCSI on Sustainable Natural Resource Management under Global Climate Change on 7th November, 2023 at NASC complex, New Delhi by the Hon'ble Union Minister of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying, Sh Parshottam Khodabhai Rupala, in the presence of Dr. Sanjay Kumar, Chairman, Agricultural Scientists Recruitment Board, ICAR, New Delhi and Dr. A K Singh, Former DDG (NRM), ICAR, New Delhi.

  (Posted on 06 Nov 2023)

MoU Signed between BAU, Sabour and AAU, Jorhat, Assam for cooperation in Horticulture and Plantation crops like Tea

 

Bihar Agricultural University, Sabour, Bhagalpur and Assam Agricultural University, Jorhat, entered in to a non-financial MoU on 06.11.2023 at 10th Indian Horticulture Congress-2023 held at College of Veterinary Science Campus, Assam Agricultural University, Khanapar, Guwahati. The MoU was signed by Dr. D. R Singh, Vice Chancellor, BAU Sabour and Dr Bidyut C. Deka, Vice Chancellor AAU, Jorhat in the presence of Shri Atul Bora, Hon’ble Minister Agriculture, Horticulture and Food Processing, Animal Husbandry and Veterinary, Urban Development, Town and Country Planning, Govt. of Assam; Dr Sanjay Kumar Singh, Vice President, IAHS, New Delhi; Dr K.L. Chadha, President, IAHS, New Delhi; Dr H.S. Gupta Chairman, Assam Agriculture, Commission, Assam; Dr V.B. Patel, ADG (Fruits & Plantation Crops). The main areas of cooperation in the MOU are to provide quality education and training in the areas of agriculture and allied fields like Horticulture and Plantation crops like Tea and to conduct Agriculture/ Horticulture research in areas of mutual benefits.

  (Posted on 06 Nov 2023)

The Indian Society of Soil Science (ISSS), Sabour Chapter and Department of Soil Science and Agricultural Chemistry, Bihar Agricultural College, Sabour organized a scintillation lecture on 2nd November 2023 at SSAC, seminar Hall. Prof P.K. Sharma, Professor, Soil Science, Banaras Hindu University, Varanasi delivered the talk on ‘Soil Science: Past, Present & Future’. Prof Sharma highlighted the glorious past of soil research in India starting from Vedic era to recent times. Illustrious contribution of legendary soil scientist such as Prof. N.R. Dhar & Prof. Sant Singh who were nominated for Nobel prize were also highlighted. Dr Sharma also stressed upon use of dry chemistry based techniques in soil research along with amalgamation of wet chemistry.  There was lively interaction among students, faculty and others at the end of the session. Earlier, Prof Sharma was welcomed by Prof N. Chattopadhyaya, President, Sabour Chapter  & Prof. A. Kohli, Chairman, SSAC & CSSO. Dr Sharma was also presented a memento as token of love and respect from Sabour chapter and the SSAC department.   

  (Posted on 01 Nov 2023)

 कृषि मंत्री ने बीएयू में किया सवाल जवाब कार्यक्रम का उद्घाटन

बिहार सरकार के कृषि मंत्री श्री कुमार सर्वजीत ने आज बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर में किसानों को समर्पित एक कार्यक्रम सवाल-जवाब का उद्घाटन किया | इस कार्यक्रम में पुरे राज्य भर के किसान विश्वविद्यालय के यूट्यूब और चैनल और वीडियो कन्फेरिन्सिंग के माध्यम से जुड़े | आगे से यह कार्यक्रम हर माह के प्रथम शनिवार को किसानों के सवालों के जवाब को लेकर आता रहेगा | फसल अवशेष प्रबंधन के थीम पर आज के कार्यक्रम में किसानों के जवाब देते हुए माननीय कृषि मंत्री ने कहा कि फसल उपजने के उपरांत अवशेष को जलाना नहीं है बल्कि गलाना है| मज़बूरी बस हमें ऐसे किसान भाइयों पर दंडात्मक कार्रवाई करनी पड़ती है जो पराली को जलाते हैं | 
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ डी आर सिंह ने कहा कि हमारा प्रयास रहा है प्रयोगशाला से खेत तक एक बेहतर समन्वय हो और यह कार्यक्रम उसी लक्ष्य के साथ एक कड़ी के रूप में कार्य करेगा | उन्होंने कहा कि किसान समस्या में विश्वविद्यालय की और देखता है हमसे उम्मीद करता है है कि हम उन्हें सही रास्ता दिखाएँ | विश्वविद्यालय के प्रसार कार्यक्रम का यही लक्ष्य है की अंतिम छोर पर खड़े किसानों तक हम सही समय पर तकनीक और वैज्ञानिक सलाह पंहुचा सकें | इस अवसर पर भागलपुर के संसद श्री अजय मंडल और सुल्तानगंज के विधायक श्री ललित नारायण मंडल ने भी हिस्सा लिया | कार्यक्रम का सञ्चालन अन्नू ने किया |

माननीय मंत्री ने वैज्ञानिकों को किया सम्मानित :

इसके उपरांत विश्वविद्यालय के मिनी ऑडिटोरियम में विश्वविद्यालय का ई-मैनुअल तैयार करने वाले 17 वैज्ञानिकों को माननीय मंत्री द्वारा प्रमाणपत्र देकर समान्नित किया गया | वैज्ञानिकों को सम्मानित करते हुए माननीय मंत्री ने कहा कि यहाँ 17 युवा वैज्ञानिकों को सम्मनित करते हुए मुझे अति प्रसन्नता हो रही है, देश और दुनिया में विकसित देश के वैज्ञानिक उन्नत हथियार बना रहे हैं जिससे बड़ी संख्या में इंसानों को खत्म किया जा सके लेकिन हमें आप पर गर्व है कि आप सभी युवा वैज्ञनिक उन्नत खेती के लिए दिन-रात एक करके शोध कर रहे हैं ताकि कोई इंसान भूखा न सोये | गौरतलब है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने देश में प्रतिभाओं को आकर्षित करने एवं उच्च कृषि शिक्षा को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना (NAHEP) की शुरुआत की गयी थी। इस परियोजना को विश्व बैंक और भारत सरकार द्वारा 50:50 के आधार पर वित्त पोषित है। इस परियोजना के अंतर्गत स्नात्तक एवं स्नातकोतर विषयों के सभी पाठ्यक्रम को बनने के लिए देश भर के कृषि वैज्ञानिकों से आवेदन मांगे गए थे और इसी क्रम में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के १७ वैज्ञानिकों का चयन  ३१ पाठ्यक्रम बनाने के लिए ICAR-NAHEP  द्वारा किया गया था। इन्हीं वैज्ञानिकों इस मैनुअल को तैयार किया है | माननीय कुलपति ने मैनुअल तैयार करने वाले वैज्ञानिकों की तारीफ की | इन वैज्ञानिकों को किया गया सम्मानित :
 डॉ. अंशुमान कोहली, डॉ. रूबी रानी, डॉ., श्वेता शाम्भवी, डॉ. राजीव रक्षित, डॉ. एच. मीर, डॉ. शशांक शेखर सोलंकी, डॉ. मृणालिनी कुमारी, डॉ. मैनाक घोष, डॉ. वसीम सिद्दिकी, डॉ. अनुपम दास, डॉ. तमोघना साहा, ई. विकास चंद्र वर्मा, डॉ. मनोज कुंडू, डॉ. प्रीतम गांगुली, डॉ. तुषार रंजन, डॉ. चन्दन पांडा एवं डॉ. कल्मेश मंगवी

 बिहार कृषि महाविद्यालय के सौ वर्षों के सफ़र पर वृतचित्र का हुआ लोकार्पण  
माननीय मंत्री ने बीएयू के मीडिया सेंटर द्वारा निर्मित ऐतिहासिक फिल्म का लोकार्पण किया, इस फिल्म में एक ब्रिटिश राज में सबौर में कृषि महाविद्यालय खोलने से लेकर विश्वविद्यालय बनाने तक के सफ़र को दिखाया गया |

लोकगीत पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम का लोकार्पण : 

सामुदायिक रेडियो एफएम ग्रीन पर आज से एक जागरूकता कार्यक्रम “फसल अवशेष मत जलना यह है खेती का गहना” का लोकार्पण माननीय मंत्री ने किया | यह कार्यक्रम लोकगीत और नाटक के जरिये लोगों से फसल अवशेष और पुआल नहीं जलाने का सन्देश देता है | आज के माननीय मंत्री के लोकार्पण के साथ ही रेडियो पर एक लोकगीत का प्रसारण हुआ जिसके बोल थे “खेत में अगर जलाया पुआल मिटटी हो जाएगी बेहाल”..... यह लोकगीत स्थानीय कलाकार श्री ताराकांत ठाकुर ने गया है | माननीय मंत्री ने कहा कि कृषि गीत आज कल लुप्त हो रहे है अतः बीएयू का एक कृषि गीत संकलन करने का एक अच्छा प्रयास है |

 गुड प्रैक्टिस एंड एक्स्टेंशन मॉडल’ पुस्तक का हुआ विमोचन : 

विश्वविद्यालय में किसानों के हितों में किये गये शोध और चलाये गये कार्यक्रमों का संकलन एक पुस्तक में किया गया है जिसका नाम है “गुड प्रैक्टिस एंड एक्स्टेंशन मॉडल’ | माननीय मंत्री और सभी गणमान्य व्यक्तियों ने पुस्तक का विमोचन किया | 
इन कार्यक्रमों का स्वागत भाषण प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ आर० के० सोहाने ने किया, संचालन डॉ स्वेता संभावी ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन अधिष्ठाता कृषि डॉ ए० के० साह ने किया | इस आशय की सूचना विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ राजेश कुमार ने दी |

  (Posted on 11 Oct 2023)

"Exposure-cum-Sensitization Visit" of the students from Aukahi High School, Sattar Kataiya, Agwanpur; unde School Adoption Programme was conducted at MBAC, Agwanpur, Saharsa on 10-10-2023. The visit was conducted by Dr. Kumar Sanjeev, Dr. Tribhuwan Kumar, Dr. Mukul Kumar, and Dr. D. K. Choudhary. During the visit, the students were sensitized towards the importance of agriculture towards mankind and the blooming career as an agriculturist. Dr. Arunima Kumari, Associate Dean-cum-Principal, acquainted the young ones about different cops which are planted at the college. Dr. Manoj Kumar provided the insights about gardening techniques and Dr. Amit kumar Pandey taught them about soil health.

  (Posted on 09 Oct 2023)

BAU Sabour received its first International Patent on Postharvest Shelf-life Extension of Banana 
Bihar Agricultural University, Sabour has achieved a remarkable milestone by securing its first international patent from Germany. This groundbreaking utility patent is titled as "A System to Improve the Post-harvest Quality of Banana using Synthesized Carbon Quantum Dots (Utility model number 20 2023 104 654)." Dr. Mohammed Wasim Siddiqui, a postharvest researcher at the university, in collaboration with a multidisciplinary team, has developed an innovative technology designed to improve the postharvest quality of bananas using synthesized carbon quantum dots (CQDs). 
In this pioneering work, carbon quantum dots were meticulously synthesized from banana peels using an environmentally friendly green synthesis method, followed by a comprehensive characterization process. The resulting CQDs have proven to be highly effective in preserving and enhancing the postharvest quality of bananas during storage. This achievement marks a significant advancement in the field of agricultural research and has the potential to revolutionize the way bananas are stored and preserved, benefitting both producers and consumers alike.

  (Posted on 07 Oct 2023)

"Shram Daan" programme was conducted under NSS under the guidance of Dr. Arunima Kumari, Associate Dean-cum-Principal. The programme was conducted by Dr. Mukul Kumar, O/I NSS and Dr. Sneha Kumari, HS (GH) and the students of second semester actively participated in the same.

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